For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr T R Sukul's Discussions (972)

Discussions Replied To (820) Replies Latest Activity

"आदरणीय तस्दीक अहमद जी ,रचना पर उपस्थित हो कर  अनुमोदित करने के लिए आभार। "

Dr T R Sukul replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुरेश कुमार जी ,रचना पर उत्साहवर्धक टीप देते हुए अनुमोदित करने के लिए आभार।  "

Dr T R Sukul replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय अखिलेश जी ! रचना पर सारस्वत टीप देते हुए अनुमोदन के लिए विनम्र आभार। "

Dr T R Sukul replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी , आपको रचना  पसंद आयी मुझे यह अपार हर्ष दायक  है।  "

Dr T R Sukul replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"कर्म गीत ( द्वितीय प्रस्तुति )====== कहाॅं पहुँच गया, कहाॅं पहुँचना था,तेरी कृपा बिन…"

Dr T R Sukul replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"कर्म ===जगरूकता सीखकर,करने या मरने आगे बढ़े थे ।एकता के मंत्र को लेने या देने कर्तव्य…"

Dr T R Sukul replied Sep 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"महोदय ! क्या ओ बी ओ के अपने पृष्ठ पर पूर्व में अंकित की गयी किसी रचना को  "OBO लाइव…"

Dr T R Sukul replied Sep 8, 2016 to "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ

214 Jan 23, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"कथा पर अपना  प्रशंसा सहित अनुमोदन देने के लिए धन्यवाद , आदरणीया कल्पना   जी । "

Dr T R Sukul replied Aug 31, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-17 (विषय: विरासत)

945 Aug 31, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत धन्यवाद आदरणीय सतविंद्र कुमार जी। टंकण की त्रुटियां सुधार लेंगे, पुनः धन्यवाद।"

Dr T R Sukul replied Aug 31, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-17 (विषय: विरासत)

945 Aug 31, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत धन्यवाद आदरणीय महेन्द्र कुमार जी।"

Dr T R Sukul replied Aug 31, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-17 (विषय: विरासत)

945 Aug 31, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service