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मोहन बेगोवाल's Discussions (1,044)

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"     संशोधित ग़ज़ल आँखों से यां जुबाँ से उठता है दर्द कब ये  कहाँ से  उठता  है जो कोई…"

मोहन बेगोवाल replied Jan 30, 2016 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 67 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

32 Feb 3, 2016
Reply by नादिर ख़ान

" आदरनीय योगराज सर जी, लघुकथा में कुछ जगह में इशारे देने की कोशिश की है , मुझे नही लग…"

मोहन बेगोवाल replied Jan 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-10 (विषय: रंग)

1352 Feb 1, 2016
Reply by rajesh kumari

"सफलता का  रंग   अमरजीत के गले में फूलों के हार के साथ सोने का मैडल भी चमक रहा था ।…"

मोहन बेगोवाल replied Jan 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-10 (विषय: रंग)

1352 Feb 1, 2016
Reply by rajesh kumari

" बहुत ही बाकमाल लघुकथा - आदरनीया बबिता जी बधाई कुबूल करें"

मोहन बेगोवाल replied Jan 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-10 (विषय: रंग)

1352 Feb 1, 2016
Reply by rajesh kumari

" बातों बातों लघुकथा बहुत ही गहिरी बात कह गई , इस लघुकथा के लिए या आदरनीyमाला जी बहुत…"

मोहन बेगोवाल replied Jan 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-10 (विषय: रंग)

1352 Feb 1, 2016
Reply by rajesh kumari

"आदरनीया सीमा जी, अति सुंदर लघुकथा, ऐसी एक समस्या मंगलीक होना भी है, ये अभी भी हमारे…"

मोहन बेगोवाल replied Jan 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-10 (विषय: रंग)

1352 Feb 1, 2016
Reply by rajesh kumari

" ग़ज़ल के सभी सुंदर अश'आर के लिए बधाई आदरनीय "

मोहन बेगोवाल replied Jan 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-67

742 Jan 23, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"  सुंदर अश'आर के लिए बधाई स्वीकार करें "

मोहन बेगोवाल replied Jan 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-67

742 Jan 23, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

" सभी दोस्तों का राए देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद "

मोहन बेगोवाल replied Jan 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-67

742 Jan 23, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"    अची गज़ल - बधाई स्वीकार करें "

मोहन बेगोवाल replied Jan 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-67

742 Jan 23, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
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"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
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