For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

asha pandey ojha's Discussions (65)

Discussions Replied To (60) Replies Latest Activity

"बहुत-बहु शुभकामनाएँ .. . कुछ हाइकु :  फागुनी मौसम  गुलशन में  दिलकश नजारे  गुल भ्रमर…"

asha pandey ojha replied Mar 8, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 29 (Now closed with 846 Replies)

846 Mar 11, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"aap sabhi ko is safltam kavya goshthi ke liye hardi badhai "

asha pandey ojha replied Feb 16, 2012 to ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉटकॉम सीतापुर चैप्टर के तत्वावधान में सीतापुर में आयोजित ओ बी ओ काव्य समारोह की संक्षिप्त रपट|

22 Feb 23, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"ek dastan dard bharee ... par bahut sach kha ... upeksha ka dansh..bahut kachotta hai"

asha pandey ojha replied Jan 10, 2011 to नवोदित रचनाकारों की उपेक्षा क्यों ?

96 Mar 14, 2012
Reply by aashukavi neeraj awasthi

सदस्य टीम प्रबंधन

"बहुत उम्दा शुरुआत .. के लिए बधाई राणा भइया"

asha pandey ojha replied Jan 10, 2011 to गीत भूले बिसरे

101 Jun 8, 2011
Reply by Admin

"Ganesh bhiya aapka hardik aabhar ..Openbook pariwaar ka hardik aabhar is pustak  ka…"

asha pandey ojha replied Jan 10, 2011 to एक घोषणा : OBO करेगा आपके द्वारा लिखी पुस्तकों का नि:शुल्क विज्ञापन

71 Sep 16, 2023
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

सदस्य टीम प्रबंधन

"सज्जदा किया झुक कर तुने जब , पत्थर सी इस जान में कुझ नमी रह गई । हर उस रस्ते को मैं…"

asha pandey ojha replied Sep 18, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"उड़ चले जो परिंदे थे आकाश में , मेरे हिस्से में बंजर ज़मीं रह गयी . दौर के बच्चे पढने…"

asha pandey ojha replied Sep 18, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"चाँद के जैसा मुखड़ा वो रोशन हुआ पर जो जुल्फें उड़ी तीरगी रह गई उनकी आमद से शादाब सा…"

asha pandey ojha replied Sep 18, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"यॅू तो आबाद जहां है मेरा लेकिन-2 सेहरा बनके दिल की जमीं रह गई हर एक अश़्क फरमान मेर…"

asha pandey ojha replied Sep 18, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"अक्स सारे-के-सारे कहीं खो गये धूल बस आइनों पर जमी रह गई मन-मुताबिक खिलौने कहाँ मिल…"

asha pandey ojha replied Sep 18, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service