For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मोहन बेगोवाल's Discussions (1,044)

Discussions Replied To (1044) Replies Latest Activity

" आदरणीय  समर जी,सभी अश'आर लाजवाब हुए  मुझे ये शे'र बहुत उम्दा लगा अजीब ख़ौफ़ का आलम है…"

मोहन बेगोवाल replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

" आदरणीया नीरजजी,सभी अश'आर बा -कमाल हुए , कई उर्दू भाषा के नए अलफाज सीखने को मिले "

मोहन बेगोवाल replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

" आदरणीय नादिर जी, अच्छी गज़ल कहने की दाद कबूल करें "

मोहन बेगोवाल replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"   आदरनीय मिथिलेश जी, मुझे भी गलती का अहिसास हो गया है , एडमिन से निवेदन कि इस शे'र…"

मोहन बेगोवाल replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"  मिथिलेश जी, अच्छी गज़ल पढ़ने और इस से संबंध में हुई विचार चर्चा से सीखने को मिला "

मोहन बेगोवाल replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"नजर मिली है मगर कोई गुफ्तगू ही नही ।यही लगा हमें मिलने की आरजू ही नहीं ।ऐ ! जिन्दगी…"

मोहन बेगोवाल replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

" आदरणीय मिथिलेश जी, बढिया रदीफ के साथ सभी अश'आर लाजवाब कहे--- बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

प्रधान संपादक

" आदरणीय योगराज सर, इस विधा में अभी नया हूँ, आप जी ने मेरी लघुकथा  को संकलन में स्थान…"

मोहन बेगोवाल replied Aug 1, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 में स्वीकृत लघुकथाएँ

24 Aug 3, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"   अच्छी लघुकथा पेश की - बधाई हो "

मोहन बेगोवाल replied Jul 31, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"    आदरनीय धर्मेन्द्र जी, बहुत उम्दा लघुकथा हुई "

मोहन बेगोवाल replied Jul 31, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service