For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मिथिलेश वामनकर's Discussions (7,388)

Discussions Replied To (5725) Replies Latest Activity

"वाह वाह "

मिथिलेश वामनकर replied Mar 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81

602 Mar 25, 2017
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीय नीलेश जी शानदार ग़ज़ल कही है आपने. अशआर एक से बढ़कर एक हुए हैं. उस पर आदरणीय समर…"

मिथिलेश वामनकर replied Mar 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81

602 Mar 25, 2017
Reply by भुवन निस्तेज

"देश की जब योजनायें आसमानी हो गईं फ़िक्र में सारी उमीदें पानी-पानी हो गईं   लाल फीताशा…"

मिथिलेश वामनकर replied Mar 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81

602 Mar 25, 2017
Reply by भुवन निस्तेज

""

मिथिलेश वामनकर replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"वाह वाह "

मिथिलेश वामनकर replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"वाह वाह "

मिथिलेश वामनकर replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"वाह वाह  नमन सर "

मिथिलेश वामनकर replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय नादिर खान जी, बहुत बढ़िया प्रस्तुति हुई है हार्दिक बधाई. सादर "

मिथिलेश वामनकर replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"वाह वाह  होली है "

मिथिलेश वामनकर replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"होली है!"

मिथिलेश वामनकर replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
Sunday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
Saturday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Jan 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service