For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आचमनीय है “लघुकथा कलश” ‘लघु कथा कलश’ एक ऐसा कलश जिसमे ३०० पावन नदियों का आचमनीय जल समाया हुआ है हिंदी साहित्य का एक विशाल सागर एक छोटी सी गागर अर्थात इस “लघुकथा कलश” में समा गया हो | हाँ ऐसा ही आभास हुआ जब यह विशेषांक मेरे हाथों में आया | देश के कोने कोने के साहित्यकारों की लघुकथाओं को एक मंच प्रदान किया है इस विशेषांक के सम्पादक आदरणीय योगराज प्रभाकर जी ने | तीन सौ रचनाकारों की ६५० लघु कथाएँ एक साथ होना अपने आप में अद्दभुत प्रयोग है जिसको सफल बनाने में सम्पादक योगराज प्रभाकर जी ,समीक्षक रवि प्रभाकर जी ,तथा सम्पादकीय मंडल के आद० गणेश जी बागी तथा वो सभी रचनाकार व् साहित्यकार जो किसी न किसी रूप से इस विशेषांक का हिस्सा हैं उन सब का योगदान हैं| लघुकथाओं के अलावा कुछ महत्वपूर्ण आलेख साक्षात्कार तथा समीक्षाएँ भी इसमें शामिल हैं एक एक लघु कथा को शिल्प की कसौटी पर कस कस कर खरी उतारना कोई सरल कार्य नहीं था ये महती परिश्रम इसमें साफ़ दिखाई दे रहा है| समीक्षक ने भी अपनी सूझबूझ एवं सूक्ष्म परख कौशल का परिचय देते हुए रचनाओं के साथ पूर्णतः न्याय किया है | सभी लघुकथाएँ एक से बढ़कर एक तथा संदेशप्रद हैं | मेरी भी दो लघुकथाएँ “मुक्तिबोध” और “फटफटिया” को भी इस कलश में शामिल किया गया है |तथा मेरे लघु कथा संग्रह ‘गुल्लक” की समीक्षा जिसके समीक्षक रवि प्रभाकर जी हैं को भी शामिल किया गया है | जिसके लिए मैं सम्पादक जी की बेहद शुक्रगुजार हूँ | लघुकथाओं में साहित्यकारों का रुझान देखते हुए हिंदी साहित्य में इनका एक उज्ज्वल भविष्य नजर आता है| ये प्रथम विशेषांक है अभी तो सफ़र शुरू हुआ है आगे ऐसे कितने ही विशेषांक सृजित होते रहेंगे इस विशेषांक हेतु मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ एवं इस विशेषांक से जुड़े हर एक रचनाकार को हार्दिक बधाई |

Views: 80

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

क़मर जौनपुरी joined Admin's group
Thumbnail

भारतीय छंद विधान

इस समूह में भारतीय छंद शास्त्रों पर चर्चा की जा सकती है | जो भी सदस्य इस ग्रुप में चर्चा करने के…See More
2 hours ago
क़मर जौनपुरी joined Admin's group
Thumbnail

हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"
2 hours ago
क़मर जौनपुरी posted blog posts
5 hours ago
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post ग़ज़ल-3 (ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा बस एक पल में आ गया)
"मोहतरम जनाब समर कबीर साहब बहुत बहुत शुक्रिया। आपने जिन दोषों की चर्चा की उनका नाम ही पहली बार सुन…"
6 hours ago
Samar kabeer commented on क़मर जौनपुरी's blog post ग़ज़ल-3 (ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा बस एक पल में आ गया)
"जनब क़मर जौनपुरी साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल कही आपने, दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । ' तुम…"
6 hours ago
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post ग़ज़ल - 2 ( क़मर जौनपुरी )
"बहुत बहुत शुक्रिया मोहतरम जनाब समर कबीर साहब। आपकी टिप्पणी से ग़ज़ल मुकम्मल हो गई। सरमाया के बारे…"
6 hours ago
Samar kabeer commented on क़मर जौनपुरी's blog post ग़ज़ल - 2 ( क़मर जौनपुरी )
"जनाब क़मर जौनपुरी साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ…"
6 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post 3 क्षणिकाएँ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,आपके लेखन की धार को देखकर अति प्रसन्नता हो रही है,तीनों क्षणिकाएँ बहुत…"
6 hours ago
डिम्पल गौड़ 'अनन्या' commented on TEJ VEER SINGH's blog post पहल - लघुकथा -
"सार्थक संदेश प्रस्तुत करती बेहतरीन लघुकथा ।"
8 hours ago
डिम्पल गौड़ 'अनन्या' and Manan Kumar singh are now friends
8 hours ago
डिम्पल गौड़ 'अनन्या' updated their profile
8 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sushil Sarna's blog post 3 क्षणिकाएँ....
"वाह। पहली क्षणिका का समाधान सा करती दूसरी बेहतरीन क्षणिका! किंतु परिदृश्य और परिस्थितियों अनुसार…"
8 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service