For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जड़ दिहला हो, रामा ! जड़ दिहला

सगरौ देहियाँ पे गाढ़ा चुंबन, जड़ दिहला |

 

हथवौ से जड़िला, नजरियौ से जड़िला

बहियाँ में लइके अँकवरियौ से जड़िला

अंगै-अंग होंठवा मुहर किहला |

 

उरौ पे जड़िला, उर-फुलवौ पे जड़िला

अँगुरियन कै टोहवा कुछ नहिं छोड़िला

पोरै-पोर रसवा भर दिहला |

 

हियवा कै छपवा हियरवा में उतरल

मनुआँ कै हिरना चेहरवा पे उछरल

सेजिया इंद्र-धनुसवा कर दिहला |

 

रामै कै देह, रामै तोहरा चुंबन

रामहि बरनवा, राम-रसरी में दुइ तन

सौ-सौ जनमवा रामा ! हर लिहला |

 

(मौलिक व अप्रकाशित)

-- संतलाल करुण  

Views: 1226

Replies to This Discussion

सुफ़ियाना अंदाज़ में निकहे गीत रचना भइल बा आदरणीय.  एह सुन्नर रचना खातिर अनघा बधाई आ शुभकामना.. 

सादर

आदरणीय पाण्डेय जी, हमनी के भोजपुरी नहिखे आवल बा | प्रयास किह्लीं हई | अ इही कारन इह्मे अवधी केर पुट जबरिया घुस गइल बा | लकिनआप केर बधाई अउर सुभजामना से कोसिसिया को बहुतै ताकत मिलल बा, बहुतै आभार !

आदरणीय सन्तलाल करुन जी, रउआ भोजपुरी भासा के ना हईं, बाकिर, राउर रचना प्रयास आ भासा खातिर उछाह मन मोह रहल बा.

आदरणीय, अइसहीं नेह-छोह बनल रहो.

सादर

आदरणीय पाण्डेय जी, आप की सद्बावाना से हृदय गद्गद हुआ, सहृदय आभार !

बहुत ही सुन्दर ,  हार्दिक बधाई आपको …………..

आदरणीय वर्मा जी,

उत्प्रेरक उद्गार के लिए हार्दिक आभार !

वाह! गीत सुन (पढ़) के ता रोम-रोम झूम गईल एकदम से..
बहुत-बहुत बधाई रउवा के एह रचना खाति..।।

आदरणीय जयनित जी,

आप ने रचना मन से पढी और हृदय से पसंद की, बहुत-बहुत धन्यवाद !

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
18 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
Friday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
Thursday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service