For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

छोड़ के पिजरवा पराय गईलू चिरई |
सबहीं के सनेहिया भूलाय गईलू चिरई |

निक नाही लागे अब त घरवा अंगनवा,
तोहई के खोजे घूमि चारो और मनवा |
कवनी खोतवा में लूकाय गईलू चिरई |
सबहीं के सनेहिया भूलाय गईलू चिरई |

रोवेलिन भौजी देखा, रोवे महतारी |
बाबू जी आ भैया बईठी रोवेलन दुवारी |
सबसे पिरितिया छोडाय गईलू चिरई |
छोड़ के पिजरवा पराय गईलू चिरई |

बाछी के कहाई अब सोना के कहाई |
इहे राग धईके देखा रोवत बानी मई |
नयना के लोरवा सुखवाय गईलू चिरई |
छोड़ के पिजरवा पराय गईलू चिरई |

भौजी के बबुनी आ भैया के मोटकी |
प्यार से बोलावें कहिके बाबू जी ऐ छोटकी |
काहे कुलही नामवा भूलाय गईलू चीरई |
सबहीं के सनेहिया भूलाय गईलू चीरई |

Views: 1142

Replies to This Discussion

Bahut hi sundar kavita hai. My wife can speak and understand Bhojpuri, she read it for me and explained. Beti ke chale jaane ke baad ki stithi ko bahut achhe se ukera ya Yadav ji ne. Meri aur se abhivadan sweekar karein.

Dharmender sharma
धरम सर, i can't speak that how am i happy. aap ko aapki patni ji ne iska matlab samjhaya mai unka bhi shukragujaar hu| mujhe bahut khushi hai ki aap logo ko meri ye rachna pasand aayi|
आशीष भाई बहुत ही नीक गीत रौआ प्रस्तुत कईले बानी, बहुत बहुत बधाई एह बरियार रचना खातिर |
बागी जी बहुत बहुत धन्यवाद| हमके बहुत प्रसन्नता भईल ई जान के की आप के हमार ई रचना पसंद आइल| आप लोग आपन आशीर्वाद बना के राखी, हम आगे भी कोशिश करत रहब|
Bahut badhiya kavita ba. ekdam mati ke sonha khoshboo se bharpoor aa bhojpuri kalewar mein laptayil.  Bahut bahut badhayee.
एतना बढीया रचना खातिर बधाई स्वीकार करीं आशीष भाई

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"एक सप्ताह के लिए सभी चार आयोजन के द्वार खुल गए। अच्छी बात ये है कि यह एक प्रयोग है ..... लेकिन…"
11 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई छंद ++++++++   ठंड गई तो फागुन आया। जन मानस में खुशियाँ लाया॥ आम  लगे सब हैं…"
12 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सच फ़साना नहीं कि तुझ से कहें ये बहाना नहीं कि तुझ से कहें दिल अभी जाना नहीं कि तुझ से कहें ग़म…"
15 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सादर अभिवादन "
15 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी की नमस्कार, यूँ तो आज आयोजन प्रारंभ ही हुए हैं और किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है,…"
18 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"स्वागतम"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"स्वागतम"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
Monday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
Monday
amita tiwari posted blog posts
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service