For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भोजपुरी साहित्य Discussions (249)

← Back to भोजपुरी साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

तू इ कईसन फसवलsss

बाबा हो बाबा , तू इ कईसन फसवलs, चोर से कहत बाड़, चोरी ना करे खातिर, अगर चोरी कर लिहलस, चाही कानून सजा देबे खातिर, दुबिधा में डाल के, माथा घ…

Started by Rash Bihari Ravi

5 Jun 5, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

सुरु बा अनशन आज से ,

सरकार से वार्ता बेनतीजा , सुरु बा अनशन आज से , सोचे के इ बात बाटे , का मिली ये आगाज से , फिर सरकार के कोई मंत्री , झूठा  वादा  कर जईहन , मि…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Jun 4, 2011

हमरा देशवा के बड़ाई हमके निक लागेला,

निक लागेला हमके निक लगेला , हमरा देशवा के बड़ाई हमके निक लागेला, सुनले बानी लोग कहेला इ रहे सोना के चिड़िया, पहिले मुग़ल फिर अंग्रेज एके मिटव…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Jun 3, 2011

तू जवन मन करे उ कर ल ,

तू जवन मन करे उ कर ल , बाकिर हम अपना मन के करबे करब  , चाहे तू जेतना उड़ ल , तोहार पंख के हम रंगबे करब , तू अपना के होशियार बुझेल , तोहार ह…

Started by Rash Bihari Ravi

1 Jun 2, 2011
Reply by Neelam Upadhyaya

बतकही ( गपसप ) अंक ४

बतकही ( गपसप ) अंक ४  हम जइसे लछुमन भाई के चाय दुकान पर पहुचनी लछुमन भाई फटाक से पेपर हमारा के देदेले , लागत रहे जइसे उ हमार इंतजार करत रहू…

Started by Rash Bihari Ravi

4 Jun 1, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

बतकही ( गपसप ) अंक ३

  बतकही ( गपसप ) अंक ३   हमके बस से उतरत देख लछुमन भाई जोर से आवाज लगवले प्रणाम गुरु जी, इ का रउआ बाइक से आइल गइल बंद क देनी का ? त हम कहनी…

Started by Rash Bihari Ravi

2 May 23, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

चंदवा डांसर बन गइल "(भोजपुरी कहानी)

" चंदवा डांसर बन गइल "(भोजपुरी कहानी)                            - बृज भूषण चौबे " जब तक पूरा मांग  के पइसा  ना मिली इ बियाह ना होई "  मडवा…

Started by Brij bhushan choubey

2 May 22, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

बतकही ( गपसप ) अंक २

बतकही (2) ( गपसप ) लछुमन भाई के चाय के दुकान पर बईठ के हम चाय के चुस्की ले ले के पेपर पढ़त रहनी ह, पेपर में सब जगे दीदी के चर्चा बा , पेपर…

Started by Rash Bihari Ravi

8 May 21, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

" जानत बानी हम "

जानत बानी कि हम मंजिल ना हई तोहारजानत बानी की हम रास्ता भी ना हई तोहारपर कुछ देर त साथ चलल रहनी जा हम-तुकुछ देर त एक दुसरा के सुख-दुख  बँटल…

Started by Raju

0 May 20, 2011

हम सोचिला कभी

Started by R. K. PANDEY "RAJ"

1 May 20, 2011
Reply by Raju

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
yesterday
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Monday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"    आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रस्तुत दोहों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार ।…"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"किल्लत सारे देश में, नहीं गैस की यार नालियाँ बजबजा रही, हर घर औ हर द्वार गैस नहीं तो क्या हुआ, लोग…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। दोहों पर आपकी विस्तृत टिप्पणी और सुझाव के लिए हार्दिक…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर अभिवादन। चित्रानुरूप सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service