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भोजपुरी साहित्य Discussions (249)

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वो बापू के जरुरत बा ,

वो बापू के जरुरत बा , इहे हिंदुस्तान के चाह बा , जे हमनी के सोच के आंदोलित करे , नया राह दिखावे खातिर , वो बापू के जरुरत बा , वो बापू के ना…

Started by Rash Bihari Ravi

1 Nov 19, 2010
Reply by suryajeet kumar singh

उट कवना करवट बाईठी ,

उट कवना करवट बाईठी , हवा के रुख से बुझात नईखे , जनता भी होसियार हो गइल , केकर बेरा पार करी , इ कहलो जात नइखे , बुधु बक्स बकत बा , बाकिर ओकर…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Nov 4, 2010

दस्तक (bhojpuri)

हमारा दरवाजा पर दस्तक भइल , हम अंदरे से पूछनी , राउआ के बानी , उत्तर मिलाल , सुख संब्रिधि , झट से दरवाजा खोलानी , अन्दर आई उनकर से बोलानी ,…

Started by Rash Bihari Ravi

1 Nov 4, 2010
Reply by Neelam Upadhyaya

अजोर क अगोर (अलका तिवारी)

फुटली किरिनियाँ न उगली अजोरिया, कि अबहीं झोपडिया अन्हार हो , कुकरों न भात पूछे बाबू के दुवरवा . वहीँ मरी जायीं भूखे अपने अंगनवा, हम औ ह…

Started by Admin

0 Nov 4, 2010

कवन कारन से दुखी हम ,

कवन कारन से दुखी हम , समझ ना पईनी का बाटे गम , कवन कारन से दुखी हम , जे चाहनी उहे हम पवनी , अपना अगुंली पे जग नचावानी , आगे पीछे हमारा सब ल…

Started by Rash Bihari Ravi

2 Oct 29, 2010
Reply by Rash Bihari Ravi

मौत एगो सत्य ,

मौत एगो सत्य , जवन सवीकार नइखे , आई निश्चित बा , बाकिर बुझात नइखे , मौत एगो सत्य , जवन सवीकार नइखे , बचपन खेल कूद में , जवानी बीतल मस्ती मे…

Started by Rash Bihari Ravi

2 Oct 28, 2010
Reply by Rash Bihari Ravi

भोजपुरीया अब गुरु रहिआन ,

भोजपुरीया अब गुरु रहिआन , आउर कही इ लिखिहन ना , हरदम सजग रहिआन , दू पार्ट में अब पिसाये से बचिहन , आपन भाषा आपन बोली , हम सबका के समझाइब ,…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Oct 21, 2010

मेहमान देव के स्वरुप होले ,

सुनले रहनी हम , मेहमान देव के स्वरुप होले , आवस ता उनके बईठाइ , खुबे बढ़िया जेवाई , इ सब कईला से प्रभु खुश होले , मेहमान देव के स्वरुप होले…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Oct 21, 2010

आउर उ रूस गईले ,

आउर उ रूस गईले , संभावना हमेशा से बनल रहे , काहे की दिल बड़ा कमजोर होला , हल्का सा कडक बर्दास्त न करेला , मजाक में कहल गइल छोट बात , भी गड़…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Oct 20, 2010

पढ़ा के काम हम अच्छा कईनी ,

पालपोस के बड़का कईनी , हम इ गजब का कर देहनी , दहेज ज्वाला में जलत बनी , जनमते कहे ना मुआ देहनी , सोचनी बेटी आउर बेटा में , अब कवनो अंतर नइख…

Started by Rash Bihari Ravi

2 Oct 15, 2010
Reply by आशीष यादव

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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"    आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रस्तुत दोहों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार ।…"
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Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"किल्लत सारे देश में, नहीं गैस की यार नालियाँ बजबजा रही, हर घर औ हर द्वार गैस नहीं तो क्या हुआ, लोग…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। दोहों पर आपकी विस्तृत टिप्पणी और सुझाव के लिए हार्दिक…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर अभिवादन। चित्रानुरूप सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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