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मनोज कुमार सिंह 'मयंक''s Discussions (242)

Discussions Replied To (4) Replies Latest Activity

"अत्यधिक कठिन छंद है...कई बार पढ़ना पड़ेगा..किन्तु जिस तरह का विशद वर्णन प्रस्तुत लेख म…"

मनोज कुमार सिंह 'मयंक' replied Mar 4, 2014 to छंद सलिला: तीन बार हो भंग त्रिभंगी संजीव 'सलिल'

6 Mar 4, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

सदस्य टीम प्रबंधन

"छन्न पकैया, छन्न पकैया, सर जी का आभारी | अंगुलियां गिन गिन थक जाती, मति जाती है मारी…"

मनोज कुमार सिंह 'मयंक' replied Mar 3, 2014 to सार छंद/ छन्न पकैया // --सौरभ

19 Feb 20, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

सदस्य टीम प्रबंधन

"छन्न पकैया, छन्न पकैया, इतनी सुन्दर बातें| मोह लिया है इसने मन को, फिर फिर पढ़ते जाते…"

मनोज कुमार सिंह 'मयंक' replied Mar 3, 2014 to सार छंद/ छन्न पकैया // --सौरभ

19 Feb 20, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"आया हूँ अति देर से, अम्बरीष श्रीमान| शिशु हूँ मैं इस मंच का,मुझ पर भी दें ध्यान|| दो…"

मनोज कुमार सिंह 'मयंक' replied Apr 8, 2012 to दोहा : परिचय एवं विधान

23 Oct 7, 2013
Reply by Meena Pathak

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मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आपका।"
4 hours ago

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"सही कहा आपने "
4 hours ago

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"आदरणीय आप और हम आदरणीय हरिओम जी के दोहा छंद के विधान अनुरूप प्रतिक्रिया से लाभान्वित हुए। सादर"
4 hours ago

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"सही सुझाव "
4 hours ago

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"आभार"
4 hours ago

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मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157 in the group चित्र से काव्य तक
"जी हार्दिक धन्यवाद "
4 hours ago

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"आदरणीय अशोक रक्ताले जी, मैने बस ओ बी ओ के स्वर्णिम काल को याद किया है। बस उन दिनों को फिर से देखना…"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी, आपको यह प्रयास पसन्द आया, जानकर खुशी हुई। मेरे प्रयास को मान देने के लिए…"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157 in the group चित्र से काव्य तक
"हो जाता है अस्त जब, सूरज, ढलती शाम। लोग करें सब शाम को, बस ठेके के नाम। बस ठेके के नाम पर, बिक…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157 in the group चित्र से काव्य तक
"पैर पकड़ कर कह रहे चाचा रखना ध्यान।।  चाचा भी हैं जानते, इनके सारे  ढंग।। ..........सही…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157 in the group चित्र से काव्य तक
"जैसे  दोहों  को  मिले, सच्चे जोड़ीदार। ऐसे रचनाकार की, यहाँ बहुत दरकार।। प्रतिउत्तर…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157 in the group चित्र से काव्य तक
"   जी! आदरणीय चेतन प्रकाश जी सादर नमन, आपको दोहे चित्ताकर्षक लगे मेरा रचनाकर्म सफल हुआ.…"
5 hours ago

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