For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

 

 
उपजता द्वेष मन में, क्रोध करो जब आप,
        
क्रोध आवे जब मन में, करों राम का जाप |
 
 
मोह जाल में फंस गये, रहे न कोई साथ,
 
अकड़े मद में चूर हो , क्यों दे कोई साथ |
 
 
लालच मन में आगया, जा गिरेगा गर्त,
 
लालच की सीमा नहीं, होगा बेडा गर्क | 
 
 
 
काम वासना में लिप्त, घोर नरक का द्वार,
 
घोर नरक का द्वार है, होता न कभी उद्धार | 
 
 
कडवाहट जब घर करे,तेरे मन के द्वार,
 
चिंतन से जब हल करे,खुलजाय मन द्वार |
 
 
लोकप्रियता पाने का, बड़ा शातिर रोग,
 
सुख चैन खातिर ही, छोडो ऐसा  रोग   |
 
 
छोडो ऐसे रोग को , करले नैय्या पार, 
 
सच्चा सुख पाने को, हो जाओ तैयार |  
 
 
-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला, जयपुर 

 

 

Views: 676

Replies to This Discussion

आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद लाडीवाला जी,

क्षमा कीजिएगा, कल कुछ व्यस्तताओं के चलते आपके दोहे नहीं देख सकी,

भाव बहुत अच्छे हैं इन दोहों के, पर मात्रिक गणना में त्रुटियाँ है, और कहीं कहीं प्रवाह भी बाधित है....आप मात्रिक सुधार कर दोहों को ३-४ बार जोर से बोल कर देखें, अपेक्षित परिवर्तन स्वयमेव ही समझ आने लगेंगे...

उदाहरण स्वरुप पहले दोहे को अपनी समझ अनुसार परिवर्तित किया है.

 

उपजता द्वेष (२+१=३)मन में, क्रोध करो जब आप,..............प्रथम चरण में मात्र १२ हो रही है

क्रोध आवे जब मन में, करों राम का जाप |

 द्वेष भाव उपजे ह्रदय, क्रोध करें जब आप

मन आवे जब क्रोध तो, करें राम का जाप

 

मोह जाल में फंस (२+१=३) गये, रहे न कोई साथ,...प्रथम चरण की मात्रा १४ हो रही है, यहाँ फँस कर लें तो मात्रा  १३ हो जायेगी

अकड़े मद में चूर हो , क्यों दे कोई साथ |

 

लालच मन में आगयाजा गिरेगा गर्त(२+१=३),...........द्वितीय चरण की मात्रा १० ही है

लालच की सीमा नहींहोगा बेडा गर्क | 

 

काम वासना में लिप्त(२+१), घोर नरक का द्वार,.........दोहे के प्रथम व तृतीय चरण का अंत दीर्घ लघु से नहीं करते, यहाँ १२ या १११ ही प्रयुक्त ओता है .

घोर नरक का द्वार है, होता न कभी उद्धार(२+२+१=५) ....यहाँ सम चरण में मात्रा १२ हो रही है

  

कडवाहट जब घर करे, तेरे मन के द्वार,

चिंतन से जब हल करे, खुल जाय मन द्वार |...................यहाँ सम चरण की मात्रा १० है

  

लोकप्रियता(२+१+२+१+२=८) पाने का, बड़ा शातिर रोग,....विषम चरण की मात्रा १४ तथा सम चरण की मात्रा १० है

सुख चैन खातिर हीछोडो ऐसा  रोग   |...................विषम चरण की मात्रा ११ है

 

छोडो ऐसे रोग को , कर ले नैय्या पार

सच्चा सुख पाने को, हो जाओ तैयार | ................विषम चरण की मात्रा १२ है

 

आपका निरंतर प्रयास जल्दी ही आपको इस छंद में सिद्धहस्तता दे , ऐसी शुभकामना है..सादर.

करले नैया पार दोहों पर उचित मार्गदर्शन करने के लिए आपका हार्दिक आभार
दरअसल 2 माह प्रूव लिखे दोहे अब पुनः पढने पर मुझे गेयता की कमी लगी तब
मैंने एक बार सलाह करना उचित समझ कर आपको निवेद्दन किया । पुनः आभार

आपका हार्दिक स्वागत है आदरणीय लक्ष्मण जी 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service