For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धार्मिक साहित्य Discussions (143)

← Back to धार्मिक साहित्य
Featured Discussions

सदस्य टीम प्रबंधन

मकर-संक्रान्ति पर विशेष

  भारत वस्तुतः गाँवों का देश है. यहाँ के गाँव प्रकृति और प्राकृतिक परिवर्त्तनों से अधिक प्रभावित होते हैं, बनिस्पत अन्य भौतिक कारणों से. च…

Started by Saurabh PandeyLatest Reply

Discussions Replies Latest Activity

भक्तिरस के दोहे :

भक्तिरस के दोहे : देना हो तो दीजिए, प्रभु ऐसा वरदान। मुख से निकले राम जब, प्राण करें प्रस्थान।1। पाना हो जो राम तो , बन जाओ हनुमान। अंतर्…

Started by Sushil Sarna

0 Jan 4

गणपति वंदना

गणपति महाराजा, पूर्ण करो काजा, दयावंत, दयाधारी. गौरी नंदन , दूर करो क्रंदन, जाऊँ मैं  बलिहारी. रिद्धि-सिद्धि के स्वामी, अंतर्यामी, तुम हो…

Started by Anita Sharma

0 Oct 5, 2018

तुलसी : एक सच्चे गुरु

तुलसी :एक सच्चे गुरु 'उमा कहेउ मैं अनुभव अपना. सत हरि भजन जगत सब सपना.' इस एक चौपाई में संतकवि तुलसी जीवन के उस परम सत्य से साक्षात् कराते…

Started by Ganga Dhar Sharma 'Hindustan'

0 Aug 25, 2018

जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया

(छंद-उड़ियाना पद, विधान- उड़ियाना-12, 10 अंत में एक गुरू, उड़ियाना पद 12,12,12,10 अंत में एक गुरू) जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया जपत रटत रा…

Started by रमेश कुमार चौहान

0 May 31, 2018

हरो बाधा सभी हनुमन........

हरो बाधा सभी हनुमन..... विधाता छंद हरो बाधा सभी हनुमन.........शरण मैं आपकी आया। करो मुझपर कृपा ऐसी,....विमल हो बुद्धि मन काया।। नमन करता सद…

Started by Satyanarayan Singh

0 Apr 1, 2018

अनुष्टुप छंद

अनुष्टुप छंद यह छन्द न पूर्णतयः मात्रिक है, न ही पूर्णतयः वार्णिक। इसमें चार चरण होते हैं। हर चरण में आठ वर्ण होते हैं - पर मात्राएँ सबमें…

Started by SANDEEP KUMAR PATEL

2 Dec 30, 2017
Reply by SANDEEP KUMAR PATEL

मौसे कह गयो थो कान्हा (कविता)

मौसे कह गयो थो कान्हा बेगी ही आ जावेगो सलौनी सन्ध्या हो चली है जाने कब वो आवेगो माखन देखो सूख गयो है धूप में कान्हा जब से गयो है हाय हाय अ…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

0 Oct 12, 2017

शक्ति के रूप

शक्ति के रूप  (मौलिक एवं अप्रकाशित ) हिमालय की लाली मां, हैं बैल पर सवार | दिव्य रूप हाथ त्रिशूल, सुशोभित पद्म सार ||   सत्व सत्ता प्रकृति…

Started by VINOD GUPTA

2 Sep 6, 2017
Reply by VINOD GUPTA

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो , मो कहूँ आवत नाही कबहू -२ ना मुख चंद्र दिखायो , मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो। बहुत सुनिन्ह है तोरे…

Started by Mohit mishra (mukt)

2 Aug 30, 2017
Reply by Mohit mishra (mukt)

कान्हा को नाच नचा गयी राधा

बैरिन बंशी चुराने चली जब तो पहले सकुचा गयी राधा चोरी से चुपके से हौले से धीरे से कान्हा की आँख बचा गयी राधा पूछा किये मुरलीधर श्याम तो लीला…

Started by Alok Rawat

2 Aug 29, 2017
Reply by Alok Rawat

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विमल शर्मा 'विमल' commented on vijay nikore's blog post ज़िन्दगी का वह हिस्सा
"वाह...अद्भुत बधाई आदरणीय"
4 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' posted a blog post

थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद

2 2 2 2चोरी-चोरी।ओ री छोरी।थामूँ तोरी।बाँहे गोरी।जागे नैना।पूरी रैना।खोएँ चैना।भूले बैना।आजा…See More
5 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post नवगीत-वेदना तुझको बुलाऊँ-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"बहुत बहुत शुक्रिया मित्र..आमोद"
6 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय सुभाष लखेरा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय डॉ प्राची सिंह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
indravidyavachaspatitiwari commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post जाते हो बाजार पिया (नवगीत)
"मंहगाई पर कटाक्ष करने के लिए आपको बधाई। इतनी सुंदर कविता से मन प्रसन्न हो गया।"
yesterday
Profile IconArun kumar Sharma, विमल शर्मा 'विमल' and Dr. geeta Chaudhary joined Open Books Online
yesterday
Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

अहसास की ग़ज़ल

2×16इश्क रुई के जैसा है पर,ग़म से रिश्ता मत कर लेना.लेकर चलने में आफत हो इतना गिला मत कर लेना.एक समय…See More
yesterday
vijay nikore posted blog posts
yesterday
SALIM RAZA REWA commented on dandpani nahak's blog post गज़ल
"भाई बधाई स्वविकरण मतला मज़ा नहीं दे ,"
yesterday
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post सुख उसका दुख उसका है - सलीम 'रज़ा' रीवा
"आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी आपकी मोहब्बतों के लिए बेहद शुक्रिया।"
yesterday
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर साहब,नमस्कार सर मैंने इस शब्द को हिरण के बच्चे के अर्थ में प्रयोग किया है बाकी आप…"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service