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श्री गोपाल दास 'नीरज' का सम्बोधन

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Comment by Sushil.Joshi on October 29, 2013 at 9:03pm

वाह...... सचमुच ही यह अनुभूति स्वर्गलोक के किसी स्वप्न से कम नहीं रही होगी...... पद्म श्री आदरणीय गोपाल दास नीरज जी को साक्षात देखना एवं सुनना किसी भी रचनाकार के लिए निश्चित रूप से एक यादगार क्षण होते हैं...... उनके गीतों की मिठास पूरे फिल्म जगत के साथ-2 विदेशों से होती हुई हम सबके ह्रदय में विद्दमान है........... मुझे खेद है कि मैं इन महत्वपूर्ण पलों में अपनी उपस्थिति नहीं दे सका लेकिन तस्वीरों के माध्यम से इस महान विभूति के दर्शन कराने के लिए आप सभी का हार्दिक धन्यवाद


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on October 28, 2013 at 12:55pm

परम आदरणीय श्री गोपाल दास नीरज जी के समक्ष बैठ उन्हे सुनना........

जैसे साहित्यिक ज्ञान पिपासु रचनाकारों को कुछ अमृत बूंदे मिल जाना ....निःशब्द हूँ !!!

ये क्षण सहज उपलब्ध कराने के लिए श्री वीनस जी को हार्दिक धन्यवाद ! 

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