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पीयूष कुमार द्विवेदी
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पीयूष कुमार द्विवेदी posted a blog post

सरसी छंद-२

कोई चाभे खूब मलाई,कोई रोटी-नून। सभी बराबर भारत में हैं,फिर क्यों चूसें खून। कोई ऋण ले चंपत होता,कोई देता जान। कलम बताने वाली मेरी, कैसा हिंदुस्तान।।पीयूष कुमार द्विवेदी 'पूतू'See More
Feb 23
Rakshita Singh commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद
"आदरणीय पीयुष जी, बहुत सुन्दर प्रस्तुती । हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
Feb 23
Samar kabeer and पीयूष कुमार द्विवेदी are now friends
Feb 22
Mohammed Arif commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"आदरणीय पीयूष द्विवेदी जी आदाब,                              सरसी छंद का अच्छा प्रयास । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।                …"
Feb 22
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद
"आद0 पीयूष जी सादर अभिवादन। दोनों सरसी अच्छा है। बधाई स्वीकार कीजिये। सादर"
Feb 22
Samar kabeer commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"जनाब पीयूष जी आदाब, सरसी छन्द का प्रयास अच्छा है,बधाई लीजिये । पहली पंक्ति में'कोई चाभे दूध मलाई',क्या दूध भी चाभा जाता है,दूसरी बात मेरे नज़दीक 'नून' के साथ 'क़ानून' की तुकान्तता सही नहीं है ।"
Feb 22
Shyam Narain Verma commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"क्या बात है, हार्दिक शुभकामनाएं l सादर"
Feb 22
पीयूष कुमार द्विवेदी commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"हार्दिक आभार आदरणीय"
Feb 22
रामबली गुप्ता commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"मारक सरसी हुए हैं दोनों हार्दिक बधाई स्वीकारें। सादर"
Feb 22
रामबली गुप्ता commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद
"दोनों छंद सुंदर और सार्थक हुए हैं। हार्दिक बधाई स्वीकारें।सादर"
Feb 22
पीयूष कुमार द्विवेदी posted blog posts
Feb 22
Samar kabeer commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद
"जनाब पीयूष जी आदाब,बढ़िया सरसी छन्द,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 21
पीयूष कुमार द्विवेदी commented on Samar kabeer's blog post तरही ग़ज़ल
"बेहद उम्दा ग़ज़ल हुई है जनाब, दिली मुबारकबाद"
Feb 21
पीयूष कुमार द्विवेदी commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद
"मोहतरम अरिफ़ साहब आदाब, दिली शुक्रिया, मैंने सुधार कर दिया है।"
Feb 21
Mohammed Arif commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद
"आदरणीय पीयूष जी आदाब,                           बहुत ही अच्छे सरसी छंद । "बजाओ" के स्थान पर "बचाओ" करना बेहतर होगा । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 21
पीयूष कुमार द्विवेदी updated their profile
Feb 20

Profile Information

Gender
Male
City State
Fatehpur
Native Place
Fatehpur
Profession
Ass.professor
About me
Viklaang kavi

सरसी छंद

कब तक ताकोगी पर मुख को, बनो सिंहनी आज।

श्याम नहीं अब आने वाले,स्वयं बचाओ लाज।

खड़े दुःशासन गली-गली पर,और सभा है मौन।

सहन हमेशा नारी करती,पीर समझता कौन।।

पीयूष कुमार द्विवेदी 'पूतू'

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At 7:44am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

पीयूष कुमार द्विवेदी's Blog

सरसी छंद-२

कोई चाभे खूब मलाई,कोई रोटी-नून।
सभी बराबर भारत में हैं,फिर क्यों चूसें खून।
कोई ऋण ले चंपत होता,कोई देता जान।
कलम बताने वाली मेरी, कैसा हिंदुस्तान।।

पीयूष कुमार द्विवेदी 'पूतू'

Posted on February 21, 2018 at 6:00pm — 5 Comments

सरसी छंद

कब तक ताकोगी पर मुख को, बनो सिंहनी आज।

श्याम नहीं अब आने वाले, स्वयं बचाओ लाज।

खड़े दुःशासन गली-गली पर, और सभा है मौन।

सहन हमेशा नारी करती,पीर समझता कौन।।

पीयूष कुमार द्विवेदी 'पूतू'

Posted on February 20, 2018 at 7:30pm — 6 Comments

 
 
 

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