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Madhu Passi 'महक'
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Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"आ. मधु महक जी , अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Sep 13
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"आदरणीय आशीष यादव जी रचना पसंद आने के लिए बहुत बहुत आभार महोदय! "
Sep 12
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"आदरणीय समर कबीर जी आदाब! आपकी हौसला अफ़ज़ाई के लिए तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ और आपकी बात का ध्यान रखूंगी। "
Sep 12
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर नमस्कार! मेरी लघुकथा तक आने के लिए  और प्रोत्साहन देने के लिए बहुत बहुत आभार महोदय! "
Sep 12
आशीष यादव commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"बहुत ही अच्छी लघुकथा है। संदेशपरक्। आदरणीया मधु जी बधाई स्वीकार करें। "
Sep 10
आशीष यादव commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"गुरू को मान देती एक अच्छी रचना का प्रयास। बधाई स्वीकार कीजिये। "
Sep 10
Samar kabeer commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"मुहतरमा मधु जी आदाब, अच्छी लघुकथा लिखी आपने, बधाई स्वीकार करें । निवेदन है कि रचना के साथ उसकी विधा भी लिख दिया करें ।"
Sep 10
Madhu Passi 'महक' posted a blog post

श्राद्ध

"सुनो !! आज दो लीटर दूध और लेकर आना , बाबूजी का श्राद्ध करना है," ममता ने अपने पति रोहन से कहा ।"ठीक है, ले आऊंगा," ये कहकर रोहन दूध लेने चला गया। "चलो सोनू बेटा जल्दी करो! आज पाँच ब्राह्मणों को भोजन कराना है ;फटाफट नहा कर आओ! क्योंकि श्राद्ध तुम्हारे हाथ से होगा,"ये कहते हुए वो रसोई में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में व्यस्त हो गई। "मम्मा ये श्राद्ध हम क्यों कर रहे हैं ?" सोनू ने पूँछा। "ये करने से तुम्हारे दादू हमें आशीर्वाद देंगे," हमारे घर में सम्पन्नता आएगी,तुम पढ़ाई में होशियार बन अच्छे…See More
Sep 8
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"आदरणीया डिम्पल शर्मा जी सादर नमस्कार! रचना पर आपकी उपस्थिति और प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत बहुत आभार। "
Sep 8
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"समर कबीर जी आदाब! आपकी हौंसला अफ़ज़ाई के लिए तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ ।"
Sep 8
Samar kabeer commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"मुहतरमा मधु जी आदाब, अच्छी रचना हुई है ,बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 7
Dimple Sharma commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"आदरणीया मधु जी नमस्ते, खुबसूरत रचना पर बधाई स्वीकार करें आदरणीया।"
Sep 6
Madhu Passi 'महक' posted a blog post

शिक्षक

शिक्षक है एक कुम्भकार और शिल्पकार हम गीली मिट्टी देता हमे वो आकारउसने ही अच्छे बुरे का ज्ञान करवायाजीवन रूपी भंवर में कैसे है  तैरना  ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलायाजैसे नदी में एक नाव माझी बिना वैसे ही अज्ञानी हम शिक्षक बिना जिंदगी में उसने हमें सही मुक़ाम पर पहुंचायाजीवन रूपी भंवर में कैसे है तैरना  ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलाया उसने कभी कुछ नहीं हमसे माँगा आगे बढ़ता देख हमें वो फूला न समाया     गलती करने पर हमे थप्पड़ भी लगाया जीवन रूपी भंवर में कैसे है तैरना ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलायाउसने ही राम…See More
Sep 6
Madhu Passi 'महक' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-65 (विषय: "उम्मीद का दामन")
"वर्तमान व्यवस्था पर तंज करती संदेशवाहक लघुकथा के लिए आपको हार्दिक बधाई उस्मानी सर जी। आपकी लेखन शैली तो कमाल की है! "
Aug 31
Madhu Passi 'महक' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-65 (विषय: "उम्मीद का दामन")
"आदरणीय विनय कुमार जी लघुकथा को समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। आपकी बताई गई बातों पर  अवश्य।ध्यान दूंँगी। "
Aug 31
Madhu Passi 'महक' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-65 (विषय: "उम्मीद का दामन")
"बेहतरीन लघुकथा के लिए आपको हार्दिक बधाई बबिता गुप्ता जी। "
Aug 31

Profile Information

Gender
Female
City State
Ferozepur
Native Place
Ferozepur
Profession
Tutor
About me
I am a tutor of spoken English. Writing poetry, stories and articles is my passion. My pen name is महक

Madhu Passi 'महक''s Blog

श्राद्ध

"सुनो !! आज दो लीटर दूध और लेकर आना , बाबूजी का श्राद्ध करना है," ममता ने अपने पति रोहन से कहा ।

"ठीक है, ले आऊंगा," ये कहकर रोहन दूध लेने चला गया। 

"चलो सोनू बेटा जल्दी करो! आज पाँच ब्राह्मणों को भोजन कराना है ;फटाफट नहा कर आओ! क्योंकि श्राद्ध तुम्हारे हाथ से होगा,"ये कहते हुए वो रसोई में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में व्यस्त हो गई। 

"मम्मा ये श्राद्ध हम क्यों कर रहे हैं ?" सोनू ने पूँछा। 

"ये करने से तुम्हारे दादू हमें आशीर्वाद देंगे," हमारे घर में सम्पन्नता…

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Posted on September 8, 2020 at 12:00pm — 5 Comments

शिक्षक

शिक्षक है एक कुम्भकार और शिल्पकार 

हम गीली मिट्टी देता हमे वो आकार

उसने ही अच्छे बुरे का ज्ञान करवाया

जीवन रूपी भंवर में कैसे है  तैरना  

ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलाया

जैसे नदी में एक नाव माझी बिना 

वैसे ही अज्ञानी हम शिक्षक बिना 

जिंदगी में उसने हमें सही मुक़ाम पर पहुंचाया

जीवन रूपी भंवर में कैसे है तैरना  

ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलाया 

उसने कभी कुछ नहीं हमसे माँगा 

आगे बढ़ता देख हमें वो फूला न समाया …

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Posted on September 4, 2020 at 11:00am — 6 Comments

यूँ ख़यालों में सनम आने लगे हैं...(ग़ज़ल मधु पासी 'महक')

बह्रे-रमल मुसद्दस सालिम

2122 / 2122 / 2122

यूँ ख़यालों में सनम आने लगे हैं

दिल को मेरे अब वो महकाने लगे हैं [1]

देखते हैं मेरी जानिब इस तरह से

राज़-ए-दिल जैसे वो बतलाने लगे हैं [2]

इश्क़ से अंजान हैं जो लोग अब तक

है मुहब्बत क्या ये समझाने लगे हैं [3]

वो सियासत-दाँ वतन जिनको था सौंपा

देश की मीरास बिकवाने लगे हैं [4]

वो रहा करते हैं आँखों में कुछ ऐसे

जागते में ख़्वाब दिखलाने लगे हैं…

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Posted on August 13, 2020 at 9:47pm — 12 Comments

राखी

राखी

"अभी आ जाएगी तुम्हारी लालची बहन हमारा बजट ख़राब करने,क्या उसे नही पता? लोकडाउन के कारण हमारी आर्थिक हालत ठीक नहीं है? अब उसका बोझ भी उठाना पड़ेगा और राखी का उपहार भी देना पड़ेगा ,"भाभी मेरे भाई से कह रही थी।

"अरे मीनू ऐसे क्यों बोल रही हो? दीदी बहुत समझदार हैं ।इस बार उन्हें हम कोई घर में रखा कोई सूट या साड़ी दे देंगे।"

"मेरी बात ध्यान से सुन लो ! मैं अपना कोई सूट उन्हें नहीं देने वाली,वो मुझे अपने मायके से मिले हैं।" मेरा भाई लाचार सा खड़ा ये सब सुन रहा था। मैं दरवाजे…

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Posted on August 2, 2020 at 3:16pm — 6 Comments

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