For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Maheshwari Kaneri
Share

Maheshwari Kaneri's Friends

  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • Omprakash Kshatriya
  • Priyanka singh
  • annapurna bajpai
  • om sapra
 

Maheshwari Kaneri's Page

Latest Activity

vijay nikore commented on Maheshwari Kaneri's blog post होली
"होली पर यह रचना बहुत ही अच्छी बनी है। बधाई, आ० महेश्वरी जी।"
Mar 22
Samar kabeer commented on Maheshwari Kaneri's blog post होली
"मुहतरमा महेश्वरी कनेरी जी आदाब,होली पर्व पर अच्छी रचना हुई,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । धानी धानी चुनरी  ओढे,पात बजाते ताली है एक रंग में रंगे सभी है, आज सखी री होली है'  इस पद की तुकांतता उचित नहीं,देखियेगा ।"
Mar 21
Maheshwari Kaneri posted a blog post

होली

फागुन आया अंगना मेरे ,रंगो की हम जोली है ,नभ में उड़ते रंग गुलाल,आज सखी री होली है | गाते गीत चौक चौबारे ,मस्तों की ये टोली है,बाजे ढोल मृदंग मजीरा ,आज सखी री होली है | धानी धानी चुनरी  ओढे,पात बजाते ताली हैएक रंग में रंगे सभी है, आज सखी री होली है | बिन ठिठोली होली कैसी ,बात सभी ने बोली है ,भंग का रंग चढा सभी को , आज सखी री होली है | धरती पर रंगो की नदियाँ ,अम्बर पर रंगोली है ,आँगन आँगन मगन सभी है ,आज सखी री होली है | सात सुरों से महका मन है ,कानो में रस घोली है ,भीग गए तन मन ही दोनों, आज सखी…See More
Mar 20
Maheshwari Kaneri commented on Maheshwari Kaneri's blog post माँ भारती पुकारती
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ जी बहुत बहुत आभार आप का "
Mar 20
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Maheshwari Kaneri's blog post माँ भारती पुकारती
"आद0 महेश्वरी कनेरी जी सादर अभिवादन। बढिया सृजन।बधाई स्वीकार कीजिये।"
Mar 17
Neelam Upadhyaya commented on Maheshwari Kaneri's blog post माँ भारती पुकारती
"विषयगत अच्छी प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें आदरणीया कल्पना भट्ट 'रौनक ' जी।"
Mar 14
Samar kabeer commented on Maheshwari Kaneri's blog post माँ भारती पुकारती
"सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Mar 12
Maheshwari Kaneri posted a blog post

माँ भारती पुकारती

भारत के नौजवानों ,माँ भारती पुकारती ,देश के सपूत तुम ,फर्ज तो निभाइए |मुश्किल घड़ी है आज,दाव पे लगी है लाज,सिंग सा दहाड़ कर देश को जगाइए |वीरता रगों में भर ,शौर्य की कहानी गढ़ ,प्रचंड चंड रूप तो शत्रु को दिखाइए |पावन मन गंगा हो ,ले हाथ में तिरंगा हो ,वन्दे मातरम् गीत ,गाते सब जाइए |        ***********मौलिक और अप्रकाशित रचना महेश्वरी कनेरी  See More
Mar 12
Maheshwari Kaneri commented on Maheshwari Kaneri's blog post कुछ अनमोल रिश्ते   ( कहानी )
"आदरणीय कवीर जी .आप का बहुत बहुत आभार "
Mar 11
Maheshwari Kaneri commented on Maheshwari Kaneri's blog post कुछ अनमोल रिश्ते   ( कहानी )
"आदरणीय रक्षिता जी .हौसला अफजाई के लिए आप का बहुत बहुत आभार "
Mar 11
Rakshita Singh commented on Maheshwari Kaneri's blog post कुछ अनमोल रिश्ते   ( कहानी )
" आदरणीया कनेरी जी, नमस्कार  भावविभोर कर देने वाली सुंदर लघुकथा। "
Feb 8
Samar kabeer commented on Maheshwari Kaneri's blog post कुछ अनमोल रिश्ते   ( कहानी )
"मुहतरमा महेश्वरी कनेरी जी आदाब,अच्छी कहानी लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 7
Maheshwari Kaneri posted a blog post

कुछ अनमोल रिश्ते   ( कहानी )

बचपन में  हमने  अपने दादा दादी और नाना नानी को तो नहीं देखा था ,पर हमारे पड़ोस में एक बुजुर्ग महिला जो अपने परिवार के साथ रहा करती थी । उन्ही से हमें बहुत प्यार मिला करता  उनका अकसर  हमारे घर में बिना नागा  जाना जाना  हुआ करता था ।हम उन्हें आमा यानी नानी कहा करते थे ।वे जब भी हमारे घर आती थी,माँ उन्हें बड़े प्यार से बिठा कर चाय नाश्ता दिया करती थी । वे चाय नाश्ते के चुस्कियो के साथ-साथ अपनी हर छोटी-छोटी बातें ,हर दर्द हर दुख सुख माँ के साथ बाँटा करती थी। माँ भी उनकी हर बात बहुत ध्यान से सुनती और…See More
Feb 7
Maheshwari Kaneri commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post जागो उठो हे लाल तुम (मधुमालती छंद)
"भाई सुरेन्द्र नाथ जी आहूत सुन्दर रचना हुई है बशाई और शुभकामना "
Jan 18
Maheshwari Kaneri posted a blog post

मातृ भूमि के लिए ..

मनहरण धनाक्षरी  ..तन मन प्राण वारूँ वंदन नमन करूँ गाऊँ यशोगान सदा   मातृ भूमि के लिए ..पावन मातृ भूमि ये, वीरों और शहीदों  की जन्मे राम कृष्ण यहाँ हाथ सुचक्र लिए ,ये बेमिसाल देश है संस्कृति भी विशेष हैपूजते पत्थर यहाँ  आस्था अनंत लिए शौर्य और त्याग की  भक्ति और भाव कीकर्म पथ चले सभी हाथ में ध्वजा  लिए ......अप्रकाशित /मौलिक महेश्वरी कनेरी See More
Jan 18
Maheshwari Kaneri commented on Maheshwari Kaneri's blog post मातृ भूमि के लिए ..
"आदरणीय समर कवीर जी ..आप का बहुत बहुत आभार ,,,"
Jan 18

Profile Information

Gender
Female
City State
Dehra Dun Uttarakhand
Native Place
Dehara Dun
Profession
Reitaird Teacher
About me
Writing is my hobby

Maheshwari Kaneri's Blog

होली

फागुन आया अंगना मेरे ,रंगो की हम जोली है ,

नभ में उड़ते रंग गुलाल,आज सखी री होली है |

 

गाते गीत चौक चौबारे ,मस्तों की ये टोली है,

बाजे ढोल मृदंग मजीरा ,आज सखी री होली है |

 

धानी धानी चुनरी  ओढे,पात बजाते ताली है

एक रंग में रंगे सभी है, आज सखी री होली है |

 

बिन ठिठोली होली कैसी ,बात सभी ने बोली है ,

भंग का रंग चढा सभी को , आज सखी री होली है |

 

धरती पर रंगो की नदियाँ ,अम्बर पर रंगोली है ,

आँगन आँगन…

Continue

Posted on March 20, 2019 at 3:00pm — 2 Comments

माँ भारती पुकारती

भारत के नौजवानों ,माँ भारती पुकारती ,

देश के सपूत तुम ,फर्ज तो निभाइए |

मुश्किल घड़ी है आज,दाव पे लगी है लाज,

सिंग सा दहाड़ कर देश को जगाइए |

वीरता रगों में भर ,शौर्य की कहानी गढ़ ,

प्रचंड चंड रूप तो शत्रु को दिखाइए |

पावन मन गंगा हो ,ले हाथ में तिरंगा हो ,

वन्दे मातरम् गीत ,गाते सब जाइए |

        ***********

मौलिक और अप्रकाशित रचना 

महेश्वरी कनेरी 

 

Posted on March 11, 2019 at 5:30pm — 5 Comments

कुछ अनमोल रिश्ते   ( कहानी )

बचपन में  हमने  अपने दादा दादी और नाना नानी को तो नहीं देखा था ,पर हमारे पड़ोस में एक बुजुर्ग महिला जो अपने परिवार के साथ रहा करती थी । उन्ही से हमें बहुत प्यार मिला करता  उनका अकसर  हमारे घर में बिना नागा  जाना जाना  हुआ करता था ।हम उन्हें आमा यानी नानी कहा करते थे ।

वे जब भी हमारे घर आती थी,माँ उन्हें बड़े प्यार से बिठा कर चाय नाश्ता दिया करती थी । वे चाय नाश्ते के चुस्कियो के साथ-साथ अपनी हर छोटी-छोटी बातें ,हर दर्द हर दुख सुख माँ के साथ बाँटा करती थी। माँ भी उनकी हर बात बहुत…

Continue

Posted on February 6, 2019 at 4:00pm — 4 Comments

मातृ भूमि के लिए ..

मनहरण धनाक्षरी  ..

तन मन प्राण वारूँ वंदन नमन करूँ 

गाऊँ यशोगान सदा   मातृ भूमि के लिए ..

पावन मातृ भूमि ये, वीरों और शहीदों  की 

जन्मे राम कृष्ण यहाँ हाथ सुचक्र लिए ,

ये बेमिसाल देश है संस्कृति भी विशेष है

पूजते पत्थर यहाँ  आस्था अनंत लिए 

शौर्य और त्याग की  भक्ति और भाव की

कर्म पथ चले सभी हाथ में ध्वजा  लिए .....

.

अप्रकाशित /मौलिक 

महेश्वरी कनेरी 

Posted on January 16, 2019 at 5:00pm — 4 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:44pm on March 11, 2014, Omprakash Kshatriya said…

कविता में मनोभावों की सुन्दर अभिव्यक्ति हुई है . बधाई .

At 10:34pm on January 1, 2014, annapurna bajpai said…

स्वागत आपका ।

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post संतान (क्षणिकाएं ) ....
"आदरणीय  Samar kabeer जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार। "
15 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post तिरंगे तुझे सुनानी है ....
"आदरणीय  TEJ VEER SINGH  जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार। "
16 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी               मस्ज़िद में जल घुस…"
47 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार राणा जी         चौपाई छंद आधारित सुन्दर गीत…"
51 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अरुण निगम जी सादर          मन के बाल सरोवर में अब, रहती है कागज की…"
54 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह आदरणीय सादर नमन "
56 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश जी महोत्सव का शुभारम्भ आपकी रचना से हुआ है अतएव प्रथम आपको  हृदय से…"
58 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"परम आदरणीय सौरभ पांडे जी, चित्र से काव्य तक छन्दोत्सव के शतकीय अंक के लिए हृदय से …"
1 hour ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"विधा -  सुंदरी सवैया शिल्प-सगण×8+ 1 गुरु ,25 वर्ण 12, 13 पर यति   प्रथम…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"बहुत शुक्रिय:"
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
".. आपका अंदाज़, आपकी कोशिशें .. जय-जय .. "
3 hours ago
क़मर जौनपुरी commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"बहुत उम्दा मुहतरम"
3 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service