For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er Nohar Singh Dhruv 'Narendra'
  • Male
  • Raipur
  • India
Share

Er Nohar Singh Dhruv 'Narendra''s Groups

 

Er Nohar Singh Dhruv 'Narendra''s Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Chhattisgarh
Native Place
Raipur
Profession
Sub Engineer at Water Resources Department C.G. Govt.
About me
I like writing & reading, photography, sports. I belive in simple living and high thinking.

Er Nohar Singh Dhruv 'Narendra''s Blog

अनहोनी

बस अड्डे में बैठे हुए उसे दो घंटे हो चुके थे। आंधी - तूफ़ान और तेज बारिश ने सारे बसों के पहिंए रुकवा दिए थे। वह बार बार पूछताछ में जाती और अगली गाड़ी कब निकलेगी उसका पता करती। आज उसे अपरिहार्य करणो से देर हो गई थी और अँधेरा हो चुका था। अब उसकी माथे पर सिकन की लकीरे साफ़ देखी जा सकती थी।

कुछ मनचले भी उसे देख- देख कर उसके बातें बनाने लगे थे और बार-बार उसके इर्द-गिर्द चक्कर काट रहे थे। उसे अब डर लगने लगा था। तभी उसकी बगल में एक अधेड़ उम्र का आदमी आकर बैठ गया जो उसे दूर एक चाय के होटल से बैठकर देख… Continue

Posted on August 14, 2016 at 10:33am — 2 Comments

बुखार

" क्यों बे तुझे कहा था ना चाय देके जल्दी आ जाना पर तू यहाँ टीवी देखते खड़ा है। वहां काम कौन करेगा तेरा बाप ? चल दूकान पे। " लडके पर झल्लाते हुए चायवाले ने कहा।

" बस एक ओवर देख के आता हूँ भैयाजी। आखरी ओवर है जीत-हार की बात है। " उत्सुकता से आईपीएल देख रहे लड़के ने कहा।

" अबे एक ओवर के बच्चे, वहाँ चार ओवर जितने गिलास जमा हो गए है, चल बोला ना। " चायवाले ने फिर चिल्लाते हुए कहा।

" हाँ हाँ भैयाजी चल रहा हूँ। और ये आऊट। येsssss मैच जीत गये भैयाजी। " ख़ुशी में झूमते हुए लड़का चिल्लाया और…

Continue

Posted on April 24, 2016 at 4:30pm — 4 Comments

बेटी का भाग्य

लघुकथा : " बेटी का भाग्य "

" आज कुछ परेशान से दिख रहे हो, क्या बात है ? चाय बना के लाऊँ ?" पत्नी ने पूछा...

" हाँ ! पर थोड़ी कड़क। " पति ने कहा...

कुछ देर बाद...

" ये लो तुम्हारी कड़क चाय, अब बताओ बात क्या है ? " पत्नी ने चाय का प्याला देते हुए कहा...

" आज पुरुषोत्तम जी मिले थे, उनकी बेटी दो दिनों से लापता है। कोचिंग गई थी पर लौटी नही उसके बाद से। " पति ने चाय का घूँट लेते हुए कहा...

" अरे... तो कोचिंग में पता किया के नही उन्होंने ? " पत्नी ने हैरान होते हुए…

Continue

Posted on April 24, 2016 at 2:09am — 6 Comments

अति का अंत ( लघुकथा )

अति का अंत



परलोक में सृष्टि के रचयिता, मनुष्यों के कृत्यों से काफ़ी परेशान थे |



रचयिता ने पहले ही भू-लोक में महान हस्तियों के रूप में अवतरित होकर मनुष्यों को सही राह पर चलने की शिक्षा दे चुके थे, पर उन्हें निराशा ही हाथ लगी |



उन्होंने अपने शिल्पकार को बुला कर कहा, " मनुष्यों ने अब बहुत अति कर ली है, जल्द ही इनके अति का अंत करना होगा | "

"पर मनुष्य तो आपको सबसे प्रिय है ना, फिर उनको..? " शिल्पकार ने कहा |

"प्रिय तो मुझे वो जीव भी थे जिन्हें मनुष्य… Continue

Posted on August 19, 2015 at 3:53pm — 10 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज'जी।"
11 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी।"
12 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post चुनावी घोषणायें  - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय महेंद्र कुमार जी।"
13 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post गंगा सूख गयी - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय महेंद्र कुमार जी।"
15 minutes ago
Mahendra Kumar commented on TEJ VEER SINGH's blog post गंगा सूख गयी - लघुकथा –
"उम्दा लघुकथा है आदरणीय तेज़ वीर सिंह जी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर। "
38 minutes ago
Mahendra Kumar commented on Sushil Sarna's blog post बातें.....
"सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय सुशील सरना जी। बहुत-बहुत बधाई। सादर। "
41 minutes ago
Mahendra Kumar commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"बढ़िया क्षणिकाएँ हैं आदरणीय सुशील सरना जी। हार्दिक बधाई स्वीकर कीजिए। सादर। "
43 minutes ago
Rakshita Singh commented on Rakshita Singh's blog post आप बीती...
"आदरणीया नीलम जी नमस्कार  आपकी शिर्कत के लिए बहुत बहुत धन्यवाद , आपके द्वारा बताइ त्रुटियों को…"
1 hour ago
Rakshita Singh commented on Rakshita Singh's blog post आप बीती...
"आदरणीय श्याम जी नमस्कार    बहुत बहुत धन्यवाद ।"
1 hour ago
Rakshita Singh commented on Rakshita Singh's blog post आप बीती...
"आदरणीय आरिफ जी नमस्कार  आपकी शिर्कत व हौसला अफजाई केलिए बहुत बहुत शुक्रिया ।"
1 hour ago
Neelam Upadhyaya commented on Neelam Upadhyaya's blog post हाइकू
"आदरणीय  नरेंद्र सिंह  जी, बहुत बहुत आभार ।"
1 hour ago
Neelam Upadhyaya commented on Neelam Upadhyaya's blog post हाइकू
"आदरणीय ब्रजेश कुमार जी, बहुत बहुत आभार ।"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service