For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

gaurav uphar
Share
 

gaurav uphar's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
mathura
Native Place
bharatpur
Profession
poetry
About me
geet jindgi hai bus likho magar sambhal ke

Gaurav uphar's Blog

कुछ मुक्तक

यही सत्य है इस दुनिया का, कहते अक्षर काले हैं !

जिसने बांटे दर्द सभी के, मिलते उसको छाले हैं !

एक पिता का हाल देखिए, इस नफरत की दुनिया में,

 जिसने धन दौलत तक दे दी, रोटी तक के लाले हैं !

 

अब प्यार के जहाँ में पैगाम नहीं मिलते !
इस भावना को ऊंचे आयाम नहीं मिलते !
मिलती हैं हर तरफ चीखें तो द्रौपदी की,
पर चीर जो बढ़ा दे, घनश्याम नहीं मिलते !

Posted on March 4, 2011 at 1:00pm — 2 Comments

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:29pm on August 10, 2012, Ranveer Pratap Singh said…

janmdiwas ki hardik shubhkaamnaayein....

At 7:17pm on August 10, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 4:23pm on December 31, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 4:06pm on December 31, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 10:58am on December 30, 2010, Admin said…
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post रंगहीन ख़ुतूत ...
"लाजवाब , खूब सुन्दर रचना सर "
26 minutes ago
PHOOL SINGH commented on Sushil Sarna's blog post पागल मन ..... (400 वीं कृति )
"सूंदर रचना बधाई स्वीकारे"
1 hour ago
PHOOL SINGH commented on rajesh kumari's blog post लंगडा मज़े में है (हास्य व्यंग ग़ज़ल 'राज')
"वक्त को उजागर करती सूंदर रचना"
1 hour ago
PHOOL SINGH commented on rajesh kumari's blog post लंगडा मज़े में है (हास्य व्यंग ग़ज़ल 'राज')
"बहुत सूंदर बधाई "
1 hour ago
Aarti Sharma and shekhar jha` are now friends
1 hour ago
PHOOL SINGH commented on Sushil Sarna's blog post ख़्याल ...
"क्या बात है सर जी बहुत सूंदर बधाई "
1 hour ago
PHOOL SINGH commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post दिल भी मिलाना है
"क्या बात है सर जी बहुत सूंदर बधाई "
1 hour ago
PHOOL SINGH commented on Sushil Sarna's blog post दो क्षणिकाएं :
"क्या बात है सर जी बहुत सूंदर बधाई "
1 hour ago
PHOOL SINGH commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सबके अपने अपने मठ हैं - नवगीत
"क्या बात है सर जी बहुत सूंदर बधाई "
1 hour ago
PHOOL SINGH commented on Sushil Sarna's blog post रंगहीन ख़ुतूत ...
"क्या बात है सर जी बहुत सूंदर"
1 hour ago
PHOOL SINGH shared their blog post on Facebook
2 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan posted a blog post

ग़ज़ल (प्यार का हर दस्तूर निभाना पड़ता है)

ग़ज़ल (प्यार का हर दस्तूर निभाना पड़ता है)(फ्अल_फ ऊलन _फ्अल _फ ऊलन _फ़ेलुन _फा)प्यार का हर दस्तूर…See More
4 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service