For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

pawan amba
  • Male
  • kanpur...uttar pradesh
  • India
Share on Facebook MySpace

Pawan amba's Friends

  • Gul Sarika Thakur
  • Harvinder Singh Labana
  • Dr.Prachi Singh
  • Yogyata Mishra
 

pawan amba's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Kanpur.Uttar Pradesh
Native Place
Phagwara.Punjab
Profession
Service In Pvt Factory
About me
saral shabdo mei apne dil ko tassali dena.....

Pawan amba's Blog

बस यूँ ही ……डर ……

बचपन से डरता रहा

दिल में डर बसता रहा 

बहुत अच्छा हुआ जो

मै नहीं हुआ निडर 

माँ हमेशा कहती थी 

चार लोग देखेंगे तो

क्या कहेंगे 

उन चार लोगो का डर 

पिता कि मार का डर 

अपने पैरों पर खड़े ना हो पाने का डर 

खड़े हुए तो दौड़ ना पाने का डर 

दौड़े  तो गिर जाने का डर 

जवान हुए तो पहचान खोने का डर 

मोहब्ब्त में नाकाम होने का डर 

जब हुई तो उसमे खोने का डर 

गृहस्थी ना चला पाने का डर 

बच्चो को ना पढ़ा…

Continue

Posted on February 25, 2014 at 7:00am — 3 Comments

माँ तूने मुझे अभिमन्युं क्यूँ बनाया

सुनी थी वीरों कि कहानियाँ 

मुश्किलों से भरी बीती जिनकी जवानियाँ

संस्कारों कि दीवारों से घिरता रहा

लड़ता रहा और उलझता रहा

जय पराजय में पिसता रहा

कष्टो के तीरों से छलनी हुआ तन

हालातों के कांटो से घायल हुआ मन

पर मन ने चुनी हर चुभन

बस इन सबने मेरा साहस बढ़ाया

जब खुली आँख,मै दूर था निकल आया

साथ था तो बस केवल अपना साया

मन ने फिर वही सवाल दोहराया

माँ तूने मुझे अभिमन्यु क्यूँ बनाया

अब मानता हूँ कि तुम्हारा…

Continue

Posted on February 23, 2014 at 3:00pm — 2 Comments

वो मिल ही गयी.......

वो मिल ही गयी.......

जिंदगी के हर मोड़ पर

बरसों से मै उसे देख रहा था

और वो मुझे देखती रहती थी

वक्त ही ना मिला जो उससे पूछता

क्यूँ वो मेरा इंतज़ार कर रही थी

अब थक सा गया था

धीरे धीरे दोड रहा था

आज मुझे वो ज्यादा करीब लगी

पूछ ही लिया रुक कर

मुद्दतों से देख रहा हूँ

तुम यूँ ही खड़ी हो

क्यूँ मुझसे मिलने की जिद्द पर अड़ी हो

मुस्कुरा कर बोली बस

तुम्हारा ही इंतज़ार था

मेरी भी मज़बूरी है,

इसलिए कंही नहीं…

Continue

Posted on February 16, 2014 at 1:30pm — 10 Comments

मैने देखी है.........

मैने देखी है.........



जिंदगी मे मैने बहुत ऊँच नीच देखी है

यहा हर साये मे मैने धूप देखी है ...

कल जो कहता था,मुझ पर कोई एहसान ना करना

चार कंधो पर जाती उसकी सवारी देखी है......

कोई ऐसा ना मिला,माँगा ना हो जिसने आजतक …

Continue

Posted on May 16, 2013 at 5:00am — 12 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"लगभग 90 हजार प्रति वर्ष"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर नमस्कार और आदाब सम्मानित मंच। ओबीओ के वाट्सएप समूह से इस दुखद सूचना और यथोचित चर्चा की जानकारी…"
12 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय, ओ.बी.ओ. को बंद करने का निर्णय दुखद होने के साथ साथ संचालक मण्डल की मानसिक पराजय, थकान आदि…"
17 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
Sunday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service