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सुरेश कुमार 'कल्याण''s Blog – June 2016 Archive (3)

एक सिपाही की इच्छा

मेरी मौत पर आंसू न बहाना तुम,

मैं शहीद हूँगा इस देश की खातिर,

मेरी मौत पर एक जश्न मनाना तुम।



जिस मिट्टी में जन्म लिया,

इसकी रेत में खेलकर बड़े हुए,

पैरों से रौंदा जिसको मैंने,

अन्न खाया है जिस मिट्टी का,

मर जाऊं गर इस मिट्टी की खातिर,

मेरी मौत पर एक जश्न मनाना तुम ।



गर गिरें तुम्हारी आंखों से आंसू उस घड़ी,

मेरी तमन्ना है वो खुशी के आंसू हों,

इस पवित्र मिट्टी में समाते हुए,

मेरा कफन हरी वर्दी या तिरंगे का हो,

प्राण जाएं… Continue

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on June 28, 2016 at 6:41pm — No Comments

कविता

एक पथिक से मैंने पूछा

किस बला का नाम कविता।

खुद इतराकर बोली कविता

सबके मन में बसी कविता।

जो तेरे अन्दर बोल रही

कोमलता का नाम कविता।

तेरे मुखमंडल पर छाई

हंसी खुशी का नाम कविता।

झील कविता पहाड़ कविता

शेरों की चिंघाड़ कविता।

कांटे कविता फूल कविता

पवन कविता धूल कविता।

सृष्टि की जड़ मूल कविता

जीवन के उसूल कविता।

छांव कविता धूप कविता

ज्ञान अज्ञान का सूप कविता।

स्नेह कविता अभिमान कविता

प्यार का है नाम… Continue

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on June 21, 2016 at 5:05pm — 2 Comments

एक और प्रयास/सुरेश कुमार ' कल्याण '

करके याद हमें अब दिल जलाते हैं वो,

बेवफाई का मातम अब मनाते हैं वो।



हमारे बीते हुए लम्हों को याद कर,

अब अपना पल पल बिताते हैं वो।



जाहिर हो जाता है उनके चेहरे पे गम,

खुशी के लम्हे भी गम में बिताते हैं वो।



खुश नजर आने की कोशिश करते हैं मगर,

दिवानगी में दुःख की बात कह जाते हैं वो।



हमें तरस आता है उनकी हालत पर,

पर हमारे सामने आने से कतराते हैं वो।



रात में बिस्तर पर करवटें बदलते हुए,

फिर भी हमारी यादों में खो जाते…

Added by सुरेश कुमार 'कल्याण' on June 1, 2016 at 1:26pm — 12 Comments

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