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Neeta Tayal's Blog – August 2020 Archive (3)

निर्दयी औलाद

दृश्य देखकर वृद्धाश्रम का,

रूह मेरी सिहर उठी।

क्यूं उन निर्दयी औलाद ने,

फ़र्ज़ का गला घोंट दिया।।

लाड़ प्यार से पाला जिनको,

बच्चों पर सर्वस्व लूटा दिया।

क्यों ऐसी ममता के साए को

निर्दयी औलाद ने भुला दिया।।

क्यूं कदम नहीं लड़खड़ाए उसके,

जब ऐसा उसने कृत्य किया।

क्यूं भूल गया वो उनका एहसान,

जिसने उसको अपना नाम दिया।।

आँख के तारे को बूढ़ी आँखों का ,

क्यूं दर्द दिखाई नहीं दिया।

फर्ज निभाने के समय

क्यूं फ़र्ज़ से पल्ला झाड़…

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Added by Neeta Tayal on August 28, 2020 at 8:31am — 3 Comments

विधि का विधान निभाने चली

विधि का विधान,निभाने चली।
आज मेरी लाड़ो,पिया घर चली।।

बाबुल के आंगन को, सूना कर चली।
वो ममता के आंचल को, छोड़ के चली।।
विधि का विधान _

वो भाई बहिन के,अनकहे प्यार का।
दिल में समंदर, बसा के चली।।
विधि का विधान_

वो बचपन की सखियां,वो गुड्डे और गुडियां।
मायके की देहरी ,सब छोड़ के चली।।
विधि का विधान_

वो बचपन की रातें,मीठी मीठी यादें।
यादों को जीवन का ,सहारा कर चली ।।
विधि का विधान_

नीता तायल

"मौलिक और अप्रकाशित"

Added by Neeta Tayal on August 17, 2020 at 5:38pm — 2 Comments

जरा याद उन्हें भी कर लो

"जरा याद उन्हें भी कर लो"

भारत मेरा देश है और

हिन्दी मातृभाषा है।

मैं भारत का प्रेमी हूं,

और प्रेम ही मेरी परिभाषा है।।

सत्य, अहिंसा और प्रेम के,

पथ का जिसने ज्ञान दिया।

करो या मरो का नारा भी,

उस वीर महान ने दिया।।

आज़ादी की खातिर "बोस" जी ,

जमकर करी लड़ाई थी।

खून के बदले आज़ादी की ,

आवाज भी "बोस" ने उठाई थी।।

क्रान्तिकारी "भगत सिंह" ने,

क्रान्ति खूब मचाई थी।

"इन्कलाब जिन्दाबाद" की ,

धूम खूब मचाई थी।।

"सारे…

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Added by Neeta Tayal on August 14, 2020 at 5:27pm — 3 Comments

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