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Amod shrivastav (bindouri)'s Blog – August 2015 Archive (2)

गजल ...चाँद तारो से कभी पूंछा नही

बहर -2122/2122/2122/212



आज हम यह सोचते है के बिछड़ कर क्या मिला

हाँ ये सच है जो मिला उसका अलग रस्ता मिला



सोचता हूँ चाँद तारों से ज़रा मै पूछ लूँ

क्या तुम्हे भी राह में जो भी मिला तन्हा मिला



आज आँगन में कही तारा नहीं यादों भरा

छिप के कोने में पड़ा घर का हँसी प्याला मिला



मौसमो की ही तरह है इश्क की आबो हवा

जब चली तो घर मेरा दरका कही टूटा मिला



देख कर अंजाम अपना मैं बहुत हैरान हूँ

चल पड़ा जिस रास्ते पर वो ग़मों से जा…

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Added by amod shrivastav (bindouri) on August 18, 2015 at 11:00pm — 15 Comments

वीरो की धरती....

देश भक्ति गीत...01

-----------------------------------------------

वीरो की धरती में हूँ जन्मा

कायरता न करनी है

नब्ज में है खून वीरों का

रक्षा इसकी करनी है

-------------------------------------------------

न्योछावर हो जाना है हँस

तिरंगा हांथों में लिए

वीरो की क़ुरबानी की अब

लाज हमें ही रखनी है

--------------––---------------------------

वीरो की धरती में हूँ जन्मा

कायरता न करनी है…

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Added by amod shrivastav (bindouri) on August 13, 2015 at 9:30am — 2 Comments

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