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मेरी कुछ हाइकू रचनाएँ [हाइकू] (2)/ _शेख़ शहज़ाद उस्मानी

(1)
छंद रच ले
छंद का समारोह
काव्य आरोह।

(2)
मन पसंद
लिख ले कुछ छंद
बिना पैबंद।

(3)

छंद में बंद
भावनायें पसंद
विधान द्वंद।

(4)
छन-छन के
निकलते ये छंद
उत्कृष्ट चंद।

(5)
छंद सुनाओ
सत्य हमें बताओ
चेतना लाओ।

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment

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Comment by Sheikh Shahzad Usmani on December 16, 2015 at 5:23pm
हाइकू रचनाएँ पढ़कर मुझे प्रोत्साहित करने के लिए हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीया कान्ता राय जी व आदरणीया कल्पना भट्ट जी।
Comment by kanta roy on October 22, 2015 at 6:30am
छंद सुनाओ
सत्य हमें बताओ
चेतना लाओ।..... वाह !!!! बहुत खूबसूरत हाईकू बने है सभी के सभी । बधाई शहज़ाद जी ।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 21, 2015 at 6:07pm
रचना पर उपस्थित हो कर प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए तहे दिल बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय मिथिलेश वामनकर साहब ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on October 21, 2015 at 3:29pm

आदरणीय उस्मानी जी शानदार हाइकू हुए है.

बहुत बहुत बधाई 

कृपया ध्यान दे...

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