For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

देखूँ इसको मै शरमाऊं

मन का सारा हाल सुनाऊ

सांझ सवेरे इसको अर्पण

का सखी साजन ?ना सखि दर्पण

२.

चूमे होंठ लाल कर जाए

मन में शीतलता भर जाए 

उस पल रहे ना कोई भान

का सखि साजन ? ना सखि पान

3.

लम्बा है इतना जैसे ऊँट 

पहना नहीं है कोई सूट

तन के खड़ा है जैसे बन्ना

का सखि साजन ?ना सखी गन्ना      

---------पारुल'पंखुरी'

(मौलिक औए अप्रकाशित)

Views: 889

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 10, 2014 at 11:38pm

आपने कह-मुकरिया विधा में अच्छी रचनाएँ प्रस्तुत की हैं. सुधीजनों ने जो उचित सुझाव-सलाह दिये हैं उनके प्रति सचेत हों, आदरणीया.

शुभेच्छाएँ.

Comment by Madan Mohan saxena on July 9, 2014 at 4:00pm

बहुत खूब ,बहुत सुन्दर,हार्दिक बधाई

Comment by parul 'pankhuri' on July 8, 2014 at 1:29pm

आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी आपका हार्दिक आभार !

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on July 7, 2014 at 6:36pm

पारुल गुप्ता जी, आप का प्रयास अवस्य रंग लाएगा | कह-मुकरिया की तीसरी पंक्ति में 16 मात्राए अनिवार्य नहीं है | हां यह अवश्य 

है की यह पंक्ति ऊपर की प्रथम दो पंक्तियों का साथ दे रही हो, जैसा कि आदरणीय अशोक जी ने भी कहा है | 

तीसरी रचना में - :लम्बा बहुत जैसी हो ऊँट" किया जा सकता है |आपाके सद्प्रयास के लिए बधाई 

Comment by parul 'pankhuri' on July 7, 2014 at 5:58pm

आदरणीय लक्ष्मण  प्रसाद जी  आपको कह मुकरियां अछि लगी उसके लिए हार्दिक धन्यवाद .. आदरणीय वैसे मैंने मात्र गिनना अभी अभी सीखा है पर "मुझको होता सुन्दर भान" में १५ मात्र ही बैठेंगी मेरे हिसाब से अगर मै गलती कर रही हूँ तो कृपया बताइयेगा  इसी प्रकार "लम्बा इतना जितना ऊँट " में भी १५ होंगी जबकि हमे १६ मात्र की जरुरत है  ,,आपके मार्गदर्शन की आवश्यकता है  सादर 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on July 7, 2014 at 12:29pm

प्रथम दोने कह्मुकरिया बहुत सुन्दर रची है |  दूसरी रचना की "उस पल रहे ना कोई भान" की जगह "मुझको होता सुन्दर भान"

कर सकते है |

 तीसरी रचना में संशोधन वांछनीय है | सुझावित रचना -

लम्बा इतना जितना ऊँट 

पहना नहीं है कोई सूट

तन के रहता जैसे  बन्ना

का सखि साजन ?न सखी गन्ना      

Comment by parul 'pankhuri' on July 7, 2014 at 9:27am

आदरणीय अरुण जी केवल जी जीतेन्द्र जी आप सभी का ह्रदय ताल से आभार ! 

Comment by parul 'pankhuri' on July 7, 2014 at 9:26am

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी आपने जिस प्रकार मेरी रचना की समीक्षा की आपकी ह्रदय से आभारी हूँ ये मेरा कह मुकरी कहने का प्रथम प्रयास है  .. तीसरी मुकरी पर मै फिर से काम करुँगी  दूसरी मुकरी की तीसरी पंक्ति को अगर यूँ कह दूँ तो क्या वह पूरी मुकरी से मेल खाएगी कृपया बताएं 

चूमे होंठ लाल कर जाए

मन में शीतलता भर जाए 

उस पर कुर्बान मेरी जान 

का सखि साजन ? ना सखि पान

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 6, 2014 at 5:02pm

आदरणीया पारुल जी प्रथम कह-मुकरी बहुत ही सुन्दर है अंतिम दो पर आदरणीय अशोक सर जी ने उचित सलाह दी है गौर फरमाएं प्रयासरत रहें. प्रयास हेतु हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by Ashok Kumar Raktale on July 6, 2014 at 3:00pm

खूँ इसको मै शरमाऊं

मन का सारा हाल सुनाऊ

सांझ सवेरे इसको अर्पण

का सखी साजन ?ना सखि दर्पण.......... वाह ! बहुत अच्छा रचा है  बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें !

चूमे होंठ लाल कर जाए

मन में शीतलता भर जाए 

उस पल रहे ना कोई भान.....................यह पंक्ति ऊपर की दोनों पंक्तियों का साथ नहीं दे रही है. "उस पल" 

का सखि साजन ? ना सखि पान

लम्बा है इतना जैसे ऊँट ...........१७ मात्राएँ 

पहना नहीं है कोई सूट

तन के खड़ा है जैसे बन्ना.......................१७ मात्राएँ 

का सखि साजन ?ना सखी गन्ना........१७ मात्राएँ |................जब १६ मात्राओं के शिल्प में रचना सम्भव है तब अधिक मात्राएँ होना उचित नहीं है |

आदरणीया पारुल जी सुन्दर प्रयास है ! सुन्दर भाव हैं. रचना करते वक्त शिल्प का भी ध्यान रखा जाए तो रचना में और निखार आयेगा. आपके इस सद्प्रयास के लिए दिल से बधाई स्वीकारें.सादर.     

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
53 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
3 hours ago
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
23 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
yesterday
Admin posted a discussion

अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....

प्रिय सदस्य गण / प्रबंधन समिति के सदस्य गण / ओ बी ओ के सभी पाठक एवं शुभचिंतक गणसादर प्रणामआप सभी…See More
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"हाड़-मॉंस स्ट्रेट (लघुकथा) : "नेता जी ये क्या हमें बदबूदार सॅंकरी गलियों वाली बस्ती के दौरे…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service