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गज़ल........उनको हवा नाम दूँ जाने मैं क्या करूँ .............

गज़ल........उनको हवा नाम दूँ जाने मैं क्या करूँ .............

   वो दूर हैं आज यूँ जाने मैं क्या करूँ

  वो मूक हैं आज क्यूँ जाने मैं क्या करूँ

 

  इक बात पे रंज हैं लब चुप से हैं जरा

  किसके सहारे लिखूं जाने मैं क्या करूँ

 

  अब पूँछते हैं नज़ारे आकर के भला

  उनको हवा नाम दूँ जाने मैं क्या करूँ 

 

  संगीत थी , मेरे गीतों की परवाज़ थी

  यूँ आज बेसाज़ हूँ जाने मैं क्या करूँ

 

  हम बैठ तन्हा कभीं यादों में खोजते

  अब रोज आवाज़ दूँ जाने मैं क्या करूँ

 

*************************************************

             अतेंद्र कुमार सिंह 'रवि'

*************************************************

 


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Comment by Shyam Bihari Shyamal on April 23, 2012 at 6:04am

वाह... अतेन्‍द्र जी... अच्‍छी रचना.. हार्दिक बधाई..

Comment by Abhinav Arun on April 5, 2012 at 10:50am

क्या बात है अतेन्द्र जी !  हार्दिक बधाई हर शेर पर !!

Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on March 28, 2012 at 10:03am

आशीष भाई ....बधाई देने के लिए दिल से आभार ....और धन्यवाद

Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on March 28, 2012 at 10:02am

मनोज " प्रलयंकर" सर जी ....अपना स्नेह यूँ ही बनाये रखें हम पर ....रचना पसंद आने के लिए ...आपको सह्रिदय धन्यवाद

Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on March 28, 2012 at 10:00am

सौरभ सर जी ...आपने हमारी गज़ल आपको अच्छी लगी और आपने कमेंट्स किया ..आपका दिल से धन्यवाद तथा आभार ....अपना आशीर्वाद हम सदा यूँ ही बनाये रखें ....

Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on March 28, 2012 at 9:57am

राजेश कुमारी जी .....रचना पसंद आने के लिए ...आपको सह्रिदय धन्यवाद

Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on March 28, 2012 at 9:52am

राजेंद्र सर जी ...अपना आशीर्वाद हम पर यूँ ही बनाये रखें

Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on March 28, 2012 at 9:51am

अरुण सर जी ...हमारी रचना आपको पसंद आई इसके लिए आपको दिल से धन्यवाद ....इसी प्रकार अपना स्नेह बनाये रखें हम पर ..

Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on March 28, 2012 at 9:40am

आदरणीय प्रदीप कुमार सिंह जी रचना पसंद आने के लिए ...आपको सह्रिदय धन्यवाद

Comment by आशीष यादव on March 27, 2012 at 3:55pm
सुन्दर रचना।
मात्राओँ पे ध्यान रखा है आपने।
बधाई

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