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तेरे संग के वो पल

तेरे संग के वो पल ..
सारे बीते हुए कल ..
सब याद आते हैं !! ..सब ..
वो चाँदी से पल ..
सोने में संग
सोने से पल ....
तेरे बालों की लट..
तेरा कहना वो चल हट .
सब याद आते हैं ..!!
तेरे होठों का रस ..
तेरा मिलना सरस ..
तेरा वो लड़ना  
मुझसे झूठा झगड़ना ..
सब याद आते हैं ..सब .!!
वो आँखे मिलाना
वो प्यार से बुलाना ..
पुरानी सभी बातें बताना ..
याद आते हैं ..सब ..
तेरे आंसू के धारे  
गिरते गालों सहारे ..
तेरा हँसना ख़ुशी से ,
बैठना मेरे सहारे ..
सब याद आते हैं ..याद आते हैं ..सब .!!

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Comment

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Comment by Raj Tomar on June 17, 2012 at 8:50pm

बिश्वजीत जी, बहुत बहुत धन्यवाद . :)

Comment by Bishwajit yadav on June 14, 2012 at 11:36pm
प्रणाम राज जी
आपकी कविता पढ के कुछ याद आ गया
बिता हुआ पल बादलो कि तरह छा गया
Comment by Raj Tomar on June 14, 2012 at 9:45pm

बहुत शुक्रिया योगेश जी .:)

Comment by yogesh shivhare on June 14, 2012 at 3:21pm

तेरे बालों की लट..
तेरा कहना वो चल हट .  bahut sundar Raj bhai badhai

Comment by Raj Tomar on June 14, 2012 at 3:11pm

बहुत बहुत शुक्रिया, श्रीमान अलबेला खत्री साब !! :)

Comment by Albela Khatri on June 14, 2012 at 2:25pm

ये यादें बहुत रसीली हैं
ये बातें बहुत नशीली हैं

तेरे होठों का रस ..
तेरा मिलना सरस ..
तेरा वो लड़ना  
मुझसे झूठा झगड़ना ..
सब याद आते हैं ..सब .!!
वो आँखे मिलाना
वो प्यार से बुलाना ..
पुरानी सभी बातें बताना ..
याद आते हैं ..सब ..

_______वाह वाह  श्रीमान राज तोमर जी,
बहुत ही उम्दा  कविता  बांचने का अवसर दिया आपने........
धन्यवाद
________बधाई !

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