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मित्रता दिवस को समर्पित छह दोहे

सारे रिश्ते देह के, मन का केवल यार
यारी जब से हो गई , जीवन है गुलज़ार

मन ने मन से कर लिया आजीवन अनुबन्ध
तेरी मेरी मित्रता  स्नेहसिक्त सम्बन्ध

मित्र सरीखा कौन है, इस दुनिया में मर्द
बाँट सके जो दर्द को बन कर के हमदर्द

मीत बनो तो यूँ बनो, जैसे शिव और राम
इक दूजे का रात दिन, जपे निरन्तर नाम

मेरी हर शुभकामना, फले तुझे ऐ यार
यश धन बल आरोग्य से, दमके घर संसार

चाहे दुःख का रुदन हो, चाहे सुख के गीत
रहना मेरे साथ में,  हर दम मेरे मीत

-अलबेला खत्री







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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 9, 2012 at 7:26am

मन ने मन से कर लिया आजीवन अनुबन्ध
तेरी मेरी मित्रता स्नेहसिक्त सम्बन्ध .. .

आपकी मंगल-कामनाओं के लिये हृदय से आभारी हूँ, आद. अलबेलाजी.

Comment by Albela Khatri on August 9, 2012 at 7:17am

आदरणीय सौरभ जी,
आप जैसे धीर और गम्भीर पुरूष तो समग्र जगत  की गांठें खोल देने का सामर्थ्य रखते हैं भाईजी,  आपके जीवन में कोई भी दुविधा  नहीं टिक सकती, ऐसा मेरा दृढ़ विश्वास है . परमपिता  अपने लाड़ले  पुत्रों को कभी भी दुविधा  में नहीं रखता .


आपके  आरोग्य एवं सतत प्रवाहमान  सृजन सत्कर्म के लिए मेरी  विनम्र  मंगल कामनाएँ


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 9, 2012 at 7:09am

सादर, आदरणीय अलबेलाजी.

इधर कुछ दिनों से (हफ़्ते भर अधिक हो गये) मैं अटपटाया हुआ हूँ, मित्रवर.  अब एक-एक करके गिरह खुल रहे हैं, साँस में साँस आ पा रही है.

Comment by Albela Khatri on August 9, 2012 at 6:57am

सादर सुप्रभात श्रद्धेय सौरभ जी,
आपके उदार व्यक्तित्व की झलक आपके शब्दों में सदैव मिलती है.  किसी को परखने,   प्रोत्साहित करने एवं प्रेमपूर्वक  परिष्कृत  करने की कला  आपश्री में  कूट कूट कर भरी है परमात्मा ने.......आप धन्य हैं महाप्रभु !

आपके शब्दों ने मेरा आज का दिन सुधार दिया
सादर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 9, 2012 at 6:45am

सुप्रभात, आदरणीय अलबेलाजी. देखिये हत्-भाग्य कि मैं इतने मनोहारी दोहा छंदों से चूक गया था. आपका हर दोहा दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाने की कुव्वत रखता है.

सादर

Comment by Albela Khatri on August 9, 2012 at 6:17am

धन्यवाद  श्री आशीष जी
सादर

Comment by Albela Khatri on August 9, 2012 at 6:08am

हाय हाय हाय हाय......
वाह उमाशंकर जी वाह !
कित्ता सुन्दर गुलदस्ता भेजा आपने ........वाह ! आनंद आगया
आपके शब्द और आपकी भेंट दोनों ही मेरे लिए  अनमोल हैं
___आपके इस मोहब्बतनामे  को मेरा दिली  सलाम !
__जय हिंद !

Comment by Albela Khatri on August 9, 2012 at 6:05am

आपका बहुत बहुत धन्यवाद सीमा जी......
सादर

Comment by Albela Khatri on August 9, 2012 at 6:04am

बहुत बहुत धन्यवाद अरुण जी.......

Comment by Albela Khatri on August 9, 2012 at 5:59am

आदरणीय भ्रमर जी.......सादर प्रणाम
आपके शब्दों ने बड़ा सुख दिया
__आपको हार्दिक धन्यवाद

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