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लोथ हूँ , लाश हूँ एक गाथा हूँ ।

अकेला नही हूँ पर तन्हा हूँ

दरया होकर भी प्यासा हूँ ।

मरती चिडिया देखूं रो दूँ ,

बेशक मै सब में हंसता हूँ ।

तू सेठानी बेशक बेशक ,

मैं याचक दर पर आया हूँ ।

दाज के लिए दरवाजे पर

बैठी बेटी का पापा हूँ ।

बूढे बाप के खाली बेटे की

लाश उठाते में हाफा हूँ ।

श्वासों की हूँ आवागमन मैं

लोथ हूँ , लाश हूँ एक गाथा हूँ ।


--

deepzirvi9815524600

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Comment by DEEP ZIRVI on October 12, 2010 at 3:38pm
shbd haanfaa hee hai jnab , kujh typing key se anjaan hoon mei is liye shbd-jod glt reh gye kshma yaachak hoon ji}haafaa word hota hai ya haaNfaa
Comment by vikas rana janumanu 'fikr' on October 12, 2010 at 11:25am
तू सेठानी बेशक बेशक ,

मैं याचक दर पर आया हूँ ।

kyaa baat hai ....

दाज के लिए दरवाजे पर

बैठी बेटी का पापा हूँ ।

touching .........!!

बूढे बाप के खाली बेटे की
लाश उठाते में हाफा हूँ ।

sir meri hindi kamzor hai ... so please clear my doubt

haafaa word hota hai ya haaNfaa

ha ke upar bindi aati hai ... plzz clear

baaki aapki choti behr mai ... achi gahzal hai
rwangi kamaal hai

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 12, 2010 at 9:42am
बूढे बाप के खाली बेटे की
लाश उठाते में हाफा हूँ ।
दीप साहब, मार्मिक रचना, बहुत सुंदर, अच्छी अभिव्यक्ति है |

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