For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

रोशनी को, जिन्हें हम जलाते हैं

आज हम उनका दिन मनाते हैं.....।

जिनकी मेहनत से हमने सीखा है

जिनके बिन दुनिया एक धोखा है

ज्ञान का दीप जो जलाते हैं......

आज हम उनका दिन मनाते हैं............।

वो हवाओं को मोड देते हैं

और पत्थर को तोड देते हैं

पौधों को पेड जो बनाते हैं....

आज हम उनका दिन मनाते हैं............।

                              सुजान

Views: 1791

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by सूबे सिंह सुजान on September 6, 2012 at 9:01pm

UMASHANKER MISHRA....aapki shubkamnaon ka thanks

Comment by सूबे सिंह सुजान on September 6, 2012 at 9:00pm

Rekha Joshi.............ji namskar thanks

Comment by सूबे सिंह सुजान on September 6, 2012 at 9:00pm

Er. Ganesh Jee "Bagi...thanks bhai

Comment by UMASHANKER MISHRA on September 6, 2012 at 7:37pm

सुबे सिंह जी शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को को समर्पित ये रचना बहुत ही अच्छी लगी

आपने सही ही कहा है

हार्दिक बधाई

Comment by Rekha Joshi on September 6, 2012 at 7:33pm

रोशनी को, जिन्हें हम जलाते हैं

आज हम उनका दिन मनाते हैं..,शिक्षक दिवस पर हार्दिक बधाई सूबे सिंह जी 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 6, 2012 at 4:26pm

सूबे सिंह जी प्रयास अच्छा है, और भी अच्छा की अभिलाषा है |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post कबड्डी (लघुकथा)
"आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय समर जी,नमन।"
1 hour ago
Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post कविता: कुछ ख़ास है उन बातों की बात
"आदरणीय समर कबीर जी रचना पर आपके आत्मीय और पारखी अवलोकन एवं मार्गदर्शन का इंतजार रहता है जो बहुत कुछ…"
4 hours ago
Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल नूर की - उन  के बंटे जो  खेत तो  कुनबे बिखर गए

उन  के बंटे जो  खेत तो  कुनबे बिखर गए, पंछी जो उड़ चले तो घरौंदे बिख़र गए. . सरहद पे गोलियों ने किया…See More
8 hours ago
TEJ VEER SINGH posted a blog post

उसूल - लघुकथा -

उसूल - लघुकथा -"क्या बात है सर, आज पहली बार आपको व्हिस्की लेते देख रहा हूँ?""हाँ घोष बाबू, आज मैं…See More
8 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on SALIM RAZA REWA's blog post जब तलक ख़ुद ख़ुदा नहीं चाहे - सलीम रज़ा
"उनकी आदत है मुकर जाने की...ये मिसरा बहर पर क़हर बन कर टूट पडा है.. देखिएगा .जब तलक ख़ुद ख़ुदा…"
13 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार , बहुत बहुत धन्यवाद ! आपके इसी प्रकार तरह मार्ग - दर्शन से हम फ़ारसी…"
14 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार , बहुत बहुत धन्यवाद ! आपके इसी प्रकार तरह मार्ग - दर्शन से हम फ़ारसी…"
14 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओ बी ओ परिवार और एडमिन का सादर अभिवादन I अवगत कराना है की प्रतिवर्ष की भाँति  इस बार भी ओ बी ओ…"
14 hours ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post जिम्मेदारियाँ--लघुकथा
"इस उत्साह बढ़ाने वाली टिप्पणी के लिए बहुत बहुत आभार आ समर कबीर साहब"
19 hours ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post उसका हक़- लघुकथा
"इस उत्साह बढ़ाने वाली टिप्पणी के लिए बहुत बहुत आभार आ समर कबीर साहब"
19 hours ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post कबड्डी (लघुकथा)
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
20 hours ago
Samar kabeer commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"मुहतरमा ऊषा जी आदाब, लघुकथा का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । रचना के साथ उसकी विधा भी लिख…"
20 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service