रोशनी को, जिन्हें हम जलाते हैं
आज हम उनका दिन मनाते हैं.....।
जिनकी मेहनत से हमने सीखा है
जिनके बिन दुनिया एक धोखा है
ज्ञान का दीप जो जलाते हैं......
आज हम उनका दिन मनाते हैं............।
वो हवाओं को मोड देते हैं
और पत्थर को तोड देते हैं
पौधों को पेड जो बनाते हैं....
आज हम उनका दिन मनाते हैं............।
सुजान
Comment
UMASHANKER MISHRA....aapki shubkamnaon ka thanks
Rekha Joshi.............ji namskar thanks
Er. Ganesh Jee "Bagi...thanks bhai
सुबे सिंह जी शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को को समर्पित ये रचना बहुत ही अच्छी लगी
आपने सही ही कहा है
हार्दिक बधाई
रोशनी को, जिन्हें हम जलाते हैं
आज हम उनका दिन मनाते हैं..,शिक्षक दिवस पर हार्दिक बधाई सूबे सिंह जी
सूबे सिंह जी प्रयास अच्छा है, और भी अच्छा की अभिलाषा है |
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