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Rekha Joshi
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"आदरणीया अन्नापूर्णा बाजपेई जी आपको हार्दिक बधाई ...."
Sep 6, 2013
वीनस केसरी commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"गणेश भाई की सलाह से लघुकथा की सार्थकता सिद्ध हो रही है ..."
Sep 2, 2013
Rekha Joshi commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"शुभ-शुभ,आदरणीय सौरभ जी"
Aug 31, 2013

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"आपने समस्या बतायी, हमने सुन ली.   सुन ली और उस पर अपनी बात कह दी. अब आगे आपकी बात ही है न, आदरणीया. अब आपकी नयी रचना की प्रतीक्षा में हम हैं .. बस.  आगे इस पर तर्क क्या देना ? आदरणीया,  न यह आपकी पहली रचना है, न आखरी होने वाली…"
Aug 31, 2013
Rekha Joshi commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"आदरणीय सौरभ जी और आ डा प्राची जी ,ममै  एक बात स्पष्ट करना चाहूँ गी कि मेने किसी समस्या का  नही दिया है बल्कि समस्या बताई है कि यह सब ठीक नही हो रहा है ,आभार "
Aug 31, 2013

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"आदरणीया रेखाजी, आपके कहने को मैं सम्मान देता हूँ. आपका आशय सही हो सकता है. किन्तु आपके कहने से जैसा मैं समझ पा रहा हूँ वो यों है कि यदि किसी के दांतों में असह्य पीड़ा हो, बर्दाश्त से बाहर.. तो उसे लोहे की लाल-तप्त छड़ से अपना पेट दाग लेना चाहिये. ताकि…"
Aug 31, 2013
Rekha Joshi commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"आदरणीय सौरभ पांडे जी ,,कथा का उदेश्य केवल समाज को उसका कुरूप चेहरा दिखाना मात्र है ,अगर अमीर और गरीब के बीच  की खाई यूँही बढती रही तो अराजकता की स्थिति आने में देर नही है ,सादर "
Aug 31, 2013
Rekha Joshi commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"आदरणीय बागी जी ,कथा का उदेश्य केवल समाज को उसका करूप चेहरा दिखाना मात्र है ,अगर अमीर और गरीब के बीच  की खाई यूँही बढती रही तो अराजकता की स्थिति आने में देर नही है ,सादर "
Aug 31, 2013

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"मैं भाई शभ्रांशु और गणेश भाई जी के विचारों से सहमत हूँ.  शुभ्रांशूजी  ने जिस लिहाज़ से इस कथा को समझा है उस लिहाज से कथा लिखी तक न जा सकी है  इसका अधिक अफ़सोस है. भाई गणेशजी ने जिस तरह से कथा को आयाम दिया है वह लघुकथाओं के विन्यास पर…"
Aug 31, 2013

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"//राजू ने चोरी की और उसे कबूल  भी कर लिया ,सजा भी लेने को तैयार हो गया क्योंकि उसके बेटे की जिंदगी इन सब से उपर थी // तो क्या राजू उद्देश्य में सफल हुआ ? अगर नहीं तो फिर कथा का उद्देश्य क्या ?"
Aug 31, 2013
Rekha Joshi commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"आदरणीय  बागी ,इस कथा में समाज का एक विक्षिप्त चेहरा दिखाई दे रहा है ,राजू ने चोरी की और उसे कबूल  भी कर लिया ,सजा भी लेने को तैयार हो गया क्योंकि उसके बेटे की जिंदगी इन सब से उपर थी ,सादर "
Aug 31, 2013

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"फैक्ट्री के आफिस के सामने एक लम्बी सी कार  आ कर रुकी और भुवेश बाबू आँखों पर काला चश्मा चढ़ा कर आफिस में अपना काला बैग रख कर वह किसी मीटिग के लिए चले गए, जब वह वापिस आये तो उनके बैग में से किसी ने पचास हजार रूपये निकाल लिए थे।…"
Aug 31, 2013

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"लेखिका आखिर क्या सन्देश देना चाहती हैं ? राजू को मज़बूरी मे चोरी करना जायज है !!, चोरी कर गुनाह कुबूल कर लेना उसकी महानता !! चोरी जैसा गुनाह कर लिया तो झूठ बोल नकारने में क्या दिक्कत, अब तो नौकरी भी गई ,तो इलाज तो दूर रोटी पर भी आफत । माफ़ करियेगा…"
Aug 31, 2013
Rekha Joshi commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"Shubhranshu Pandey जी ,आपकी प्रतिक्रिया  का स्वागत है ,लेकिन माफ़ कीजिए आपने कथा के मर्म को समझने की पूरी कोशिश नही की ,अमीर और गरीब के बीच बढ़ते अंतर और जब  किसी गरीब की मूलभूत जरूरते भी पूरी न हो पायें तो ऐसे में किसी गरीब का न चाहते…"
Aug 31, 2013
Shubhranshu Pandey commented on Rekha Joshi's blog post हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]
"आदरणीय रेखा जी, इस कथा में पूर्णता की कमी सी लग रही है.ये कथा किसी बडे़ कथा का भाग लग रहा है. इस तरह की कथाओं के अनुत्तरित प्रश्नों को एक स्पष्ट आधार की जरुरत है. वो आधार् सम्यक और समीचीन हो . माफ़ करियेगा ,लेकिन इस कथा के विचार के समर्थन में…"
Aug 31, 2013

Profile Information

Gender
Female
City State
Faridabad Haryana
Native Place
Amritsar
Profession
Lecturer in Physics[retired]
About me
I am a writer,write in Hindi and English

Rekha Joshi's Blog

हाँ मै चोर हूँ [लघु कथा ]

फैक्ट्री के आफिस के सामने एक लम्बी सी कार  आ कर रुकी और भुवेश बाबू आँखों पर काला चश्मा चढ़ा कर आफिस में अपना काला बैग रख कर वह किसी मीटिग के लिए चले गए, जब वह वापिस आये तो उनके बैग में से किसी ने पचास हजार रूपये निकाल लिए थे। आफिस के सारे कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, सबकी नजरें सफाई कर्मचारी राजू पर टिक गई क्योकि उसे ही भुवेश बाबू के कमरे से बाहर आते हुए देखा गया था। अपनी निगाहें नीची किये हुए राजू के अपना गुनाह कबूल कर लिया और मान लिया कि वह ही चोर है, पुलिस आई और राजू को पकड़…

Continue

Posted on August 27, 2013 at 1:00pm — 19 Comments

आशा की नवकिरण

आशा की इक नवकिरण

भर देती है संचार तन में

पंख पखेरू बन के ये मन

भर लेता है ये ऊँची उड़ान

जा पहुंचा है दूर गगन पर

पीछे छोड़ के चाँद सितारे

छू रहा है सातवाँ आसमां

गीत गुनगुनाये धुन मधुर

रच  रहा है हर पल नवीन 

सृजन निरंतर रहा है कर

झंकृत करता तार मन के

बन  जाता मानव  महान 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Posted on May 31, 2013 at 8:41pm — 5 Comments

नवगीत

 मत तोड़ फूल को शाख से

झूमते झूलते संग हवा के

हिलोरें ले रही शाखाओं पर 

सज रहें ये खिले खिले पेड़

बहने दो संगीतमय लहर

यही तो गीत है जीवन का 

....................................

 रहने दो फूल को शाख पर 

वहीँ खिलने और झड़ने दो 

बिखरने दो इसे यूं ही यहाँ 

आकुल है भूमि चूमने इसे 

महकने दो आँचल धरा का 

सृजन होगा नवगीत यहाँ 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Posted on April 22, 2013 at 4:33pm — 15 Comments

लहराती चांदनी

मै हूँ धरती

आसमान पे चाँद

साथ साथ है

....................

शीतल तन

लहराती चांदनी

छटा बिखरी

...................

ठंडी हवाएं

जल रहा बदन

तड़पा जाती

.................

स्नेहिल साथ

अंगडाई प्यार की

बहार आई

..................

रात की रानी

दुधिया चांदनी है

महके धरा

अप्रकाशित एवं मौलिक 

Posted on March 23, 2013 at 11:21pm — 4 Comments

Comment Wall (27 comments)

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At 10:12am on May 6, 2013, यशोदा दिग्विजय अग्रवाल said…

आभार

अभिनन्दन

At 1:53pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

शुक्रिया रेखा जी 

At 8:18pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 4:30pm on December 8, 2012, श्रीराम said…

 आपका बहुत बहुत धन्यवाद

At 9:59pm on September 25, 2012, tejwani girdhar said…

shukriya

At 9:35am on September 22, 2012, लोकेश सिंह said…

आदरणीया आपका सादर अभिवादन ,सराहना के लिए हृदय से आभार ,

At 11:01am on September 10, 2012, SANDEEP KUMAR PATEL said…

आदरणीया रेखा जी सादर प्रणाम
ग़ज़ल को पसंद करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सहित सादर आभार

At 8:33am on August 20, 2012, tejwani girdhar said…

आपका स्वागत है

At 10:07am on July 28, 2012, Vasudha Nigam said…

आदरणीय रेखा जी बहुत आभार आपका मेरी कविता के भाव समझ कर उत्साहवर्धन करने के लिए 

At 11:49pm on July 5, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

रेखा जी सदा स्वागत है  आप का मित्रता बनी रहे हम भी आप सब से सीखते चलें यही चाह है 

आभार 
भ्रमर 5 
भ्रमर का दर्द और दर्पण  
 
 
 

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