For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भारत माता की वाणी हिंदी से जुडा पावन अवसर....

भारत माता की वाणी
हिंदी से जुडा
पावन अवसर,
आओ करें संकल्प
करेंगे इसका प्रयोग
हर स्तर पर...

हम रहें कहीं भी
नहीं भूलते 
जैसे अपनी माँ को,
याद रखेंगे वैसे ही
हम हिंदी की गरिमा को...

इन्टरनेट पर
जहाँ कहीं भी
अंग्रेजी हो मजबूरी,
वहाँ छोड़कर
हो प्रयास कि
हिंदी से हो कम दूरी....

जाएँ विदेशों में भी
तो हम उन्हें
सिखाकर आयें,
यही नहीं कि
"हिन्दी दिवस" पर
खाली दें शुभकामनायें....

|| जय हिंद - जय हिन्दी || 

Views: 442

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by VISHAAL CHARCHCHIT on September 15, 2012 at 12:37pm

विशेष स्नेह भाव से मेरा हौसला बढाने के लिए गणेश भाई जी ह्रदय से धन्यवाद एवं आभार.......!!!!

Comment by VISHAAL CHARCHCHIT on September 15, 2012 at 12:35pm

रेख जोशी जी, प्रेरक टिप्पणी के लिए आपका ह्रदय से धन्यवाद.......!!!

Comment by VISHAAL CHARCHCHIT on September 15, 2012 at 12:33pm

आदरणीय राजेश कुमारी जी, आपके बहुमूल्य एवं स्नेहिल सुझावों के लिए मैं ह्रदय से आभारी हूँ........मैं आप द्वारा रेखांकित त्रुटियों पर अवश्य ध्यान दूंगा.......!!!


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 15, 2012 at 12:00pm

//इन्टरनेट पर जहाँ कहीं भी
अंग्रेजी हो मजबूरी,
वहाँ छोड़कर हो प्रयास कि
हिंदी से हो कम दूरी....
//

बहुत सही आह्वान है विशाल चर्चित जी, हिदी दिवस की हार्दिक बधाई स्वीकार हो |

Comment by Rekha Joshi on September 14, 2012 at 11:45am

जाएँ विदेशों में भी तो
हम उन्हें सिखाकर आयें,
यही नहीं कि "हिन्दी दिवस" पर
खाली दें शुभकामनायें....,सुंदर भाव विशाल जी ,हिंदी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 14, 2012 at 10:45am

विशाल चर्चित जी हिंदी दिवस की शुभकामनाएं आपकी रचना के बहुत सुन्दर भाव हैं बहुत अच्छा लिखा आपने बस इस पंक्ति में कौमा/यति  पे ध्यान दें जैसे --- आओ करें संकल्प करेंगे------   यहाँ आओ करें संकल्प के बाद यति आना चाहिए था या करेंगे दूसरी पंक्ति के आरम्भ में लेना था|  शुभकामनाएं 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई ****** करे मरम्मत चप्पल- जूते । चलता जीवन इसके बूते।।दोजून कभी खाता काके। और कभी हो जाते…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"   आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, सादर नमस्कार, प्रदत्त चित्र पर आपने सुन्दर…"
12 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई * बन्द शटर हैं  खुला न ताला।। दृश्य सुबह का दिखे निराला।।   रूप  मनोहर …"
17 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभ प्रभात,  आदरणीय! चौपाई छंद:  भेदभाव सच सदा न होता  वर्ग- भेद कभी सच न…"
22 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई छंद +++++++++ करे मरम्मत जूते चप्पल। काम नित्य का यही आजकल॥ कटे फटे सब को सीता है। सदा…"
22 hours ago
Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
yesterday
Admin posted discussions
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Feb 15
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Feb 15
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Feb 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service