For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नारी शशक्ति करण पर सुन्दर आयोजन

नारी शशक्ति करण पर सुन्दर आयोजन 

पुरुष स्त्री साथ बैठ कर रहे थे भोजन 
कवि लेखकों की नारी रही सदैव रही प्रेरणा 
प्रत्येक क्षेत्र में नारी आगे कमी कोई दिखे न 
फिल्म , गीत, मंजन , साबुन या हो वस्त्र 
जग का हो कोई उत्पाद इन बिन बिके न 
नारी पुत्री, नारी बहना, नारी देवी, नारी माता
कोई धर्म हो कोई जाति हो है अनोखा नाता 
कई रूपों में देती सुख ये सम्मान की अधिकारी 
जन्मते जिस कोख से मानव भोगते उन्हें व्यभिचारी 
जिसके हाड मांस से निर्मित नोचते उसकी मज्जा 
कितना नैतिक पतन तुम्हारा आती क्यों न लज्जा 
लगती क्यों दांव सदा अबला है बेचारी 
नारी नारी का करती शोषण कैसी ये लाचारी 
नित लुटती नित मरती किसकी हो आभारी 
नारी शोषण जो करते उनपर करो प्रबल प्रहार 
लें शपथ आज हम तभी मनाएंगे तीज और त्यौहार 

Views: 494

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on October 26, 2012 at 1:42pm

आदरणीया विनीता जी, सादर अभिवादन 

इस रचना में कविता बिंदु पर श्रम करने की आज्ञा मिली है, कैसे किया जाये. मदद क्रप्या 

प्रोत्साहन हेतु आभार. 

Comment by Vinita Shukla on October 26, 2012 at 11:30am

बहुत गंभीर बात उठाई है आपकी इस रचना ने. सार्थक प्रस्तुति.

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on October 25, 2012 at 3:44pm

आदरणीय बागी जी, 

सादर अभिवादन 

प्रोत्साहन हेतु आभार.

कविता बिंदु पर श्रम करना है. मेरा तो येही स्कूल है . कैसे इसे सुधार  जाये. मार्गदर्शन क्रप्या . सुधार दीजिए. ताकि रचना उत्क्रष्ट हो सके. 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on October 25, 2012 at 3:40pm

आदरणीय रविकर जी, सादर अभिवादन 

प्रोत्साहन हेतु आभार 

Comment by रविकर on October 25, 2012 at 9:18am

बढ़िया प्रस्तुति |
आदरणीय प्रदीप जी ||


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 24, 2012 at 6:59pm

कथ्य में दम है, रचना कविता बिंदु पर और अधिक श्रम की मांग करती है, बधाई इस प्रयास पर |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। चौपाइयों पर उपस्थिति, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। आपकी…"
22 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुति का सहज संशोधित स्वरूप।  हार्दिक बधाई"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, प्रदत्त चित्र को आपने पूरे मनोयोग से परखा है तथा अंतर्निहित भावों को…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी, आपने प्रस्तुति के माध्यम से प्रदत्त चित्र को पूरी तरह से शाब्दिक किया है…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, आपकी प्रस्तुति का हार्दिक धन्यवाद  परन्तु, रचना सोलह मात्राओं खे चरण…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण भाईजी, चौपाई छंद में आपने प्रदत्त चित्र को उपयुक्त शब्द दिये हैं. सुगढ़ रचना के…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। चौपाइयों पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार। तुकांतता के दोष में…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अखिलेश जी, सादर अभिवादन। चौपाइयों पर उपस्थिति, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। आपकी…"
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक धन्यवाद आभार आपका लक्ष्मण भाईजी"
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक धन्यवाद लक्ष्मण भाई "
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी आदरणीय अशोक भाईजी  चौपाई में चित्र का  सम्पूर्ण  चित्रण हुआ है।…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"चप्पल उसकी सिली न जाती। बिन चप्पल के वह रह जाती।।....वाह ! वाह ! प्रदत्त चित्र की आत्मा का भाव आपने…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service