For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

 
 
मुग्ध हुआ देख तेरे चितवन नयनों का प्याला,
मेरे नयनों में लेलु थोड़ी,तेरी मुग्ध मधु हाला |

 

मन आतुर है देख तेरे अधरों की यह मुग्ध हाला 
थोडा जाम पिला तेरे कर से,मेरी ये ही मधुशाला |
 
मुग्ध हुआ में तो पढ़ तेरी कविता की पंक्ति-माला
मधु भरे शब्द तेरे, छलक रहा जैसे मधु प्याला |
 
कविता में गर हो मिठास,जैसे बैठे हो मधुशाला
छलक रहा यौवन जैसे,तृप्त करे ये अमृत-प्याला |
 
शेष पिला अब साकी,आतुर जिनकी अंतर ज्वाला 
तृष्णा उनकी हर पहले तू, जो जाते हो मधुशाला |
 
शीतल मधुमास भरी लगती,तेरे नयनों की ज्वाला,
इन्द्रजीत भी मुग्ध हुए है, पीकर तेरा अमृत प्याला ।
 
मत कहना दुनियावालों, मुझको कोई नेता का साला,
गम भूलने को लेऊ मै तो,छलकता नयनों का प्याला ।

 

 -लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला,जयपुर

Views: 588

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 6, 2012 at 6:55pm

आदरणीय सौरभ जी जी, वर्ष 2000 (शायद) में डॉ हरिवंश राय बच्चन जी के स्वर्गवास पर  समाचार पत्र से, और श्री अमिताभ बच्चन द्वार दूरदर्शन पर सुनकर कुछ दिन कुछ पंक्तिया मै गुनगुनाता रहता था । अभिहाल ही एक माह पहले रात्रि को नींद न आने पर यह रचना लिखी पर मेरी प्रकृति के विपरीत समाज को लगेगी, यह सोचकर पोस्ट नहीं कर पारहां था ।                               आपका दिल से हार्दिक आभार आदरणीय।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on November 6, 2012 at 6:33pm

आदरणीय लक्ष्मणजी, शृंगार की मनोहारी छटा व्याप गयी है. दो कारण प्रतीत होते हैं.

एक, लगता है आपने अभी-अभी बच्चन की ’मधुशाला’ पढ़ी है.  दो, .... जय होऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ...  :-))))

Comment by रविकर on November 6, 2012 at 9:13am

AABHAAR

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 5, 2012 at 11:06am
हार्दिक धन्यवाद रविकर भैया, देख -
वय सीमा तोड़कर धुप रविकर संग सेक 
आँखों से वे पी रहे ,  देख नयन तू सेक ।
देख देख कर उन्हें, कर कलम से ये लेख,
श्याही कलम पी जाय,हो तेरी ये खूबी श्रेष्ठ 
Comment by रविकर on November 5, 2012 at 10:51am

आदरणीय अग्रज |
गजब --
सादर
भाई साहब का प्रिये, नगर गुलाबी श्रेष्ठ |
चढ़ा गुलाबी रंग है, सृंगारिकता ठेठ ||

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
22 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
22 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
Saturday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
Saturday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service