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तुम जरा सा नजरिया बदलो

सुनो!
सूरज में आग है या रोशनी?
चांद में दाग है या शीतलता?
पानी तरल है या सरल?
सागर गहरा है या विशाल?
फूल में कांटे है या खुशबू?
कीचड़ में गंदगी है या कमल?
दुनिया में सुख ज्यादा है या दुख?
जीने के लिए दिल की सुने या दिमाग की?
प्रेम ताकत है या कमजोरी?
इन सारे सवालों का जवाब आधारित है
परिस्थितियों से बनी हमारी सोच पर,..
सकारात्मक और नकारात्मक सोच हर बात के मायने बदल देती है,..
है ना!
इसलिए
तुम यूं न करो फासलों की बातें,
तुम बसे हो मेरी सांसों में,..
हमारे बीच मीलों की दूरी नही प्यार का मजबूत पुल है,..
बस तुम जरा सा नजरिया बदलो
देखना सब कुछ बदल जाएगा,.....


प्रीति सुराना

Views: 665

Comment

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Comment by sanjiv verma 'salil' on January 21, 2013 at 4:45pm

बस तुम जरा सा नजरिया बदलो
देखना सब कुछ बदल जाएगा,.....

sadhuvad.

Comment by priti surana on December 24, 2012 at 5:48pm

MAHIMA SHREE ji aabhar

Comment by MAHIMA SHREE on December 24, 2012 at 5:46pm

हमारे बीच मीलों की दूरी नही प्यार का मजबूत पुल है,..
बस तुम जरा सा नजरिया बदलो
देखना सब कुछ बदल जाएगा,.......

वाह !! क्या बात है ... सकरात्मक सोच को खूबसूरती से धारती रचना के लिए   आदरणीया प्रीति जी .. मेरी बधाई स्वीकार करे /

Comment by priti surana on December 14, 2012 at 9:31pm

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 9, 2012 at 11:04am

//बस तुम जरा सा नजरिया बदलो
देखना सब कुछ बदल जाएगा,....//

कविता जब यथार्थ कह रही हो तो दिल को छूती है, बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति बधाई हो |

Comment by seema agrawal on December 8, 2012 at 7:38pm

इस सकारात्मक सोच को यूं ही प्रकाश की किरणों की तरह फैलाती रहिये बधाई प्रीती जी 

Comment by priti surana on December 7, 2012 at 8:07pm
Comment by लतीफ़ ख़ान on December 7, 2012 at 7:53pm

प्रीति जी ,, मनमोहक विचारों से गुंथे इस पुष्प-गुच्छ के लिए आप को कोटिश: बधाई ,,, मेरा एक शेर इसी नज़रिये की बानगी है ,,,,,,,,

दिल में ग़म हो भी तो यारों मुस्कुराना चाहिए .

मुस्कुराने  के  लिए  भी  क्या  बहाना  चाहिए ..   पुन: बधाई ,,,

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 7, 2012 at 11:24am

प्रीति सुराना जी वाकई सब कुछ हमारी सोंच पर निर्भर करता है. सुन्दर प्रस्तुति बधाई स्वीकारें 
जाकी रही भावना जैसी - प्रभु मूरति देखी तिन तैसी.

कृपया ध्यान दे...

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