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घटना ऐसी घटित हो गयी सुनकर भारत रोया है,
वीर सपूतो को फिर से इस मात्रभूमि ने खोया है.
छल कर गया पड़ोसी उसने अपनी जात दिखा डाली,
सोते सिंहो पर हमला अपनी औकात दिखा डाली.
खून हमारा उबल उठा है पाक तेरी नादानी से,
दिल्ली कैसे सहन कर गयी सोंचू मै हैरानी से.
आज हमारी सहनशक्ति का बाँध तोड़ डाला तूने,
सोये सिंह जगाकर अपना भाग्य फोड़ डाला तूने.
अरे भेंड़िये कायरपन पर बार-बार धिक्कार तुझे,
हिन्दुस्तानी बच्चा-बच्चा देता है ललकार तुझे.
कूटनीति अपनाने वाले फिर निराश हो जायेगा,
अर्जुन का गाण्डीव उठा तो सर्वनाश हो जायेगा.
भगतसिंह के वंसज हम ऐ पाक तुझे बतला देंगे,
फूट-फूटकर रोयेगा तुझको इतना दहला देंगे.
वीर भुजायें फड़क उठी हैं अब तुझको दिखलायेंगे,
दो शीशों के बदले अरि के बीस काट कर लायेंगे.
***********************************************
सी.ए. शैलेन्द्र सिंह "मृदु"

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Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on January 16, 2013 at 11:52am

आदरणीय PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA सर सादर प्रणाम  उत्साह वर्धन हेतु कोटि कोटि आभार

Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on January 16, 2013 at 11:51am

आदरणीय सौरभ सर सादर प्रणाम असीम स्नेह एवं उत्साह वर्धन हेतु कोटि कोटि नमन हृद्यित आभार

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on January 13, 2013 at 4:12pm

एक पर सवा लाख लाने होंगे 

बधाई 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 13, 2013 at 3:32pm

वीररस की एक अत्यंत ओजस्वी और गेयता की अजस्र धारा में अबाध प्रवहमान कविता के लिए बार-बार बधाई, मृदुजी.

Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on January 12, 2013 at 10:39pm

आदरणीय बागी सर उत्साहवर्धन एवं सराहना हेतु कोटिशः नमन व बहुत बहुत आभार

Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on January 12, 2013 at 10:36pm
आदरणीय Laxman Prasad Ladiwala सर सराहना हेतु आपका बहुत बहुत आभार

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 12, 2013 at 8:06pm

समसामयिक घटनाओं के क्रम मे आपकी रचना बहुत ही सार्थक बन पड़ी है, सुन्दर रचना, इस अभिव्यक्ति पर बधाई स्वीकार करें |

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 12, 2013 at 2:55pm
बहुत जोश भी कविता के लिए हार्दिक बधाई श्री शैलेन्द्र सिंह म्रदु जी 
इस देश में तो -
जर्रा जर्रा अंगारा है, बच्चा बच्चा सूरज है 
ललकारा है आज तिमित ने बस इतना ही अजरज है 
Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on January 12, 2013 at 12:48pm

आदरणीया प्राची मैम उत्साहवर्धन हेतु कोटिशः आभार नमन


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 12, 2013 at 12:39pm

वाह! बहुत जोश भरी, वीर रस से पगी, इस आक्रोश भरी रचना के लिए ह्रदय से बहुत बहुत बधाई प्रिय शैलेन्द्र सिंह जी 

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