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पाक को चेतावनी....छंद कामरूप

यह देख दुनियाँ, खोल अंखियाँ, पाक की करतूत
गोली चलाता, बम गिराता, तानता बन्दूक
ये मान ले तू, जान ले तू, ना रहेंगे मूक
अब तू संभल जा, या बदल जा, कह रहे दो टूक


मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by Ashok Kumar Raktale on April 15, 2013 at 8:59am

सुंदर कामरूप छंद पर बधाई स्वीकारें आदरणीय.

Comment by manoj shukla on April 15, 2013 at 5:56am
आदर्णीय... पाठक जी , कुशवाहा जी, केवल प्रसाद जी ....सादर आभार
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 14, 2013 at 5:20pm

चेतावनी हेतु बधाई 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on April 14, 2013 at 4:15pm

आ0 मनोज शुकला जी, सुन्दर। बधाई स्वीकारें।

 

Comment by ram shiromani pathak on April 14, 2013 at 1:51pm

सुन्दर आदरणीय हार्दिक बधाई

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