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जब दर्द गुजरता हो दिल से [नज़्म]

जब दर्द गुजरता हो दिल से , वो पल नज़दीक भी होने दो |

जब छोड़ के जाएँ लोग मुझे , अब वो तकलीफ भी होने दो |

तूफ़ान मै सारे सह जाऊं , बहने दो अगर मै बह जाऊं |

अब ये परवाह नही मुझको , मै मिटूँ या बाकी रह जाऊं |

न रोको मेरे इन अश्कों को बीती यादों को धोने दो |

जब दर्द गुजरता हो दिल से.........................|

सब सहकर भी खामोश रहूँ , बनकर मै अपना होश रहूँ |

जिसे जो कहना है कह ले वो , अब चाह नही निर्दोष रहूँ |

अब एक ही हसरत बाकी है, जो पाया है वो खोने दो |

जब दर्द गुजरता हो दिल से...........................|

अब कोई सहारा क्या मांगू , डूबूं तो किनारा क्या मांगूं |

एक बार जिसे पाके खोया , मै उसे दोबारा क्या मांगू |

जिन जिन से मिला वो छूट गए , अब खुद से  मिलना होने दो |

जब दर्द गुजरता हो दिल से...............................|

नीरज ........

Views: 843

Comment

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Comment by Neeraj Nishchal on May 22, 2013 at 10:52am

dhanywaad Jitendra ji

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on May 21, 2013 at 11:59pm
Bhut hi umda aur dil ko chhu jane wali nzm h
Comment by Neeraj Nishchal on May 21, 2013 at 11:50pm
Thanks and gratitude dear sir Ashok Kumar ji.
Comment by Ashok Kumar Raktale on May 21, 2013 at 11:09pm

सुन्दर रचना आदरणीय नीरज जी.

Comment by Neeraj Nishchal on May 21, 2013 at 12:32am

gratitude my dear sir Brijesh ji

Comment by बृजेश नीरज on May 20, 2013 at 8:27pm

बहुत ही सुन्दर! बधाई!

Comment by Neeraj Nishchal on May 18, 2013 at 1:42pm

धन्यवाद सभी को 

Comment by Priyanka singh on May 17, 2013 at 10:13pm

अब कोई सहारा क्या मांगू , डूबूं तो किनारा क्या मांगूं |

एक बार जिसे पाके खोया , मै उसे दोबारा क्या मांगू |

जिन जिन से मिला वो छूट गए , अब खुद से  मिलना होने दो |

बहुत बढ़िया ....नीरज जी बधाई ....

Comment by विजय मिश्र on May 17, 2013 at 4:18pm
"..... अब खुद से मिलना होने दो | " यही सारतत्व है और सच में इसकेलिए बहुत कुछ खोना होता है . नीरजजी , बहुत प्यारी सी नज्म .
Comment by ram shiromani pathak on May 17, 2013 at 3:40pm

sundaratam bahut khoob bhai sahab

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