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पर्यावरण दिवस

इमारत का कद बढ़ता जाए 

पानी का स्तर घटता जाए 

हरियाली का दाव लगा है

चारों ओर ही सूखा पड़ा है

 

आओ सौर उर्जा बढाएं

बारिश का पानी बचाएं

हरियाली फिर वापिस लाएं

तभी पर्यावरण दिवस मनाएं  

.................

मौलिक व अप्रकाशित 

Views: 628

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Comment by Sarita Bhatia on June 10, 2013 at 10:25am

आदरणीय अन्नपूर्णा जी उत्साह बढ़ने के लिए शुक्रिया 

Comment by Sarita Bhatia on June 10, 2013 at 10:24am

राम श्रीमोनी पाठक जी ,जवाहरलाल जी हार्दिक आभार 

Comment by Sarita Bhatia on June 10, 2013 at 10:23am

वीनस केसरी जी रचना पसंद कर उत्साहित किया बहुत बहुत शुक्रिया 

Comment by Sarita Bhatia on June 10, 2013 at 10:22am

ब्रिजेश जी हार्दिक अभिनन्दन 

Comment by Sarita Bhatia on June 10, 2013 at 10:19am

abid अली जी उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत शुक्रिया 

Comment by Sarita Bhatia on June 10, 2013 at 10:18am

श्याम नारायण वर्मा जी हार्दिक आभार 

Comment by annapurna bajpai on June 9, 2013 at 11:50am

वाह ! सरिता जी जन मानस को बहुत थोड़ी पंक्तियों मे संदेश देती आपकी रचना अति सुन्दर ।

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on June 8, 2013 at 9:51pm

सोच सही है! कर्तव्य करना है!

Comment by ram shiromani pathak on June 8, 2013 at 2:39pm

बहुत खूब!बहुत-बहुत बधाई//////

Comment by वीनस केसरी on June 8, 2013 at 1:28am

हरियाली फिर वापिस लाएं
तभी पर्यावरण दिवस मनाएं

सुन्दर सन्देश देती रचना के लिए हार्दिक बधाई

कृपया ध्यान दे...

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