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JAWAHAR LAL SINGH
  • Male
  • Jamshedpur, Jharkhand.
  • India
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JAWAHAR LAL SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post लघुकथा -– आँखें -
"३ दिसंबर, अंतराष्ट्रीय विकलांग दिवस के लिए इससे अच्छे लाघकथा नहीं हो सकती थी. मेरी समझ के अनुसार! बधाई आदरणीय !"
Dec 5, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on surender insan's blog post "एक क़तरा था समंदर हो गया हूँ"
"जख़्म दिल के तो नहीं अब तक भरे है।हां मगर पहले से बेहतर हो गया हूँ। खूबसूरत पंक्तियाँ! बधाई!"
Dec 5, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post केक के बोलते टुकड़े (लघुकथा)
"आज की परिस्थति को दर्शाता और बच्चों के मनोभाव का बखूबी चित्रण हुआ है! बधाई!"
Dec 5, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--लूट
"मुझे ऐसा लगता है कि अंधभक्त छोड़ शायद ही कोई इस आयोजन से सा खुश होगा पर खुश दिखने का भी हुनर होता है. गरीब बच्चों और गरीब महिलाओं के फोटो आये थे दूसरे दिन जो तंगहाली के ब्यथा कह रही थी. "
Oct 22, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post डूबता जहाज
"बेहतरीन प्रस्तुति! काश कि धर्मोन्माद मत्त लोग समझ पाते इसे!"
Oct 22, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - यूँ ही गाल बजाते रहिये
"जीती बाजी हार न जायें,दाँव पेंच दिखलाते रहिये।जिनको राह के रोड़े समझेंउनको रोज हटाते रहिये। अपना सीना ठोक ठोक कर यूं ही रौब जमाते रहिये!"
Oct 22, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Dr.Prachi Singh's blog post दीप जला क्या // डॉ० प्राची
"झाड़खंड में एक बालिका मर गयी कहते भात भात कहीं कोई सिसकी ठहरी न लीपा पोती करने में सब और भला करते ही क्या?"
Oct 22, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post कहीं दीप जले, कहीं दिल (लघुकथा)/ शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"हंगामा खड़ा करना ही मकसद है, तस्वीर बदलने की चिंता किसी को नहीं।।। पर आपकी चिंता जायज है. आदरणीय उस्मानी साहब!"
Oct 22, 2017
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-24 (विषय: अनुत्तरित प्रश्न)
"आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय ने ज्वलंत समस्या की तरफ ध्यान आकृष्ट किया है. शिल्प में चाहे जो भी सुधर करने की जरूरत विशेषज्ञ लोग बता रहे हैं पर बड़ा ही संवेदनशील मुद्दा है जो हमारे समाज को वीभत्स कर रहा है. आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी बधाई की पात्र हैं,…"
Mar 30, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on आशीष यादव's blog post यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है
"बहुत ही शानदार जानदार और व्यंग्यदार रचना हुई है आदरणीय आशीष यादव जी!"
Mar 3, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(जैसे तैसे आगे आता))
"जात-धरम के पेड़ फफनते थोड़े बिरवे और बढ़ाता!6   मेरी खातिर भींग कहें सब- 'ले लो मेरा,ले लो छाता!'7 बहुत ही सुन्दर और सत्य को उजागर करती हुई रचना!"
Mar 3, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post श्रद्धा - लघुकथा –
"यही तो हो रहा है. आपका कटाक्ष सटीक है! आदरणीय तेजवीर सिंह जी!"
Mar 3, 2017
JAWAHAR LAL SINGH commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post लघुकथा : विकलांग (गणेश जी बागी)
"आदरणीय बागी साहब, हथौड़ा सिर्फ बाबूराम की टांग पर नहीं वरन पढनेवाले के दिमाग पर पड़ गया मानो! गजब लोग होते हैं और गजब होती है लेखन की शैली! बहुत ही जोरदार!"
Dec 4, 2016
JAWAHAR LAL SINGH commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल - फ़िक्रमन्दों से सुना, ये उल्लुओं का दौर है // --सौरभ
"आदरणीय सौरभ सर, नासमझ हूँ, हर तरह से और गजल तो मेरे लिए क्लिष्ट है ही ...पर आपकी हर पंक्ति, हर शेर एक से बढ़कर एक है ...फिर भी समापन की पंक्ति सुखद है मेरी नजर में - किन्तु ’सौरभ’ दिख रहा है मान्यवर का जागना ! अगर सचमुच मान्यवर जग रहे हैं…"
Sep 5, 2016
Dr Ashutosh Mishra commented on JAWAHAR LAL SINGH's blog post कुछ मुक्तक आँखों पर
"आदरणीय जवाहर जी इस सुंदर रचना के लिए हार्दिक बधाई आपकी रचना के माध्यम से आदरणीय सौरभ सर द्वारा इतनी बिस्तृत व्याख्य पढने को को मिली ..जो सोने पर सुहागे जैसा है रचना पर पुनः बधाई के साथ सादर "
Aug 25, 2016
JAWAHAR LAL SINGH commented on Rahila's blog post टीस(लघुकथा)राहिला
"वाह बहुत ही सुन्दर तरीके से ऐतिहासिक  तथ्यों पर आधारित टीस को उभारा गया है ... सचमुच हम जड़ को पहले ही खोद चुके हैं...बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आप बधाई की पात्र है आदरणीया राहिला जी!"
Aug 23, 2016

Profile Information

Gender
Male
City State
JAMSHEDPUR
Native Place
PATNA
Profession
SERVICE
About me
INTRESTED IN HINDI LITRATURE, HINDU REILIGION,POLITICS.

JAWAHAR LAL SINGH's Blog

कुछ मुक्तक आँखों पर

अँखियों में अँखियाँ डूब गई,

अँखियों में बातें खूब हुई.

जो कह न सके थे अब तक वो,

दिल की ही बातें खूब हुई.

*

हमने न कभी कुछ चाहा था,

दुख हो, कब हमने चाहा था,

सुख में हम रंजिश होते थे,

दुख में भी साथ निबाहा था.

*

ऑंखें दर्पण सी होती है,

अन्दर क्या है कह देती है.

जब आँख मिली हम समझ गए,

बातें अमृत सी होती है.

*

आँखों में सपने होते हैं,

सपने अपने ही होते हैं,

आँखों में डूब जरा…

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Posted on August 22, 2016 at 7:00am — 16 Comments

देश में रहकर मुहब्बत देश से करते चलो!

देश में रहकर मुहब्बत, देश से करते चलो!

देश आगे बढ़ रहा है, तुम भी डग भरते चलो.

.

देश जो कि दब चुका था, आज सर ऊंचा हुआ है,

देश के निर्धन के घर में, गैस का चूल्हा जला है

उज्ज्वला की योजना से, स्वच्छ घर करते चलो.

देश में रहकर............

.

देश भारत का तिरंगा, हर तरफ लहरा रहा,

ऊंची ऊंची चोटियों पर, शान से फहरा रहा,

युगल हाथों से पकड़ अब, कर नमन बढ़ते चलो.

देश में रहकर............

.

देश मेरा हर तरफ से, शांत व आबाद…

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Posted on June 7, 2016 at 8:30am — 18 Comments

भारत एक मैदान

मेरे घर के पास है, एक खुला मैदान,

चार दिशा में पेड़ हैं, देते छाया दान

करते क्रीड़ा युवा हैं, मनरंजन भरपूर

कर लेते आराम भी, थक हो जाते चूर

सब्जी वाले भी यहाँ, बेंचे सब्जी साज.

गोभी, पालक, मूलियाँ, सस्ती ले लो आज…

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Posted on November 25, 2015 at 8:30pm — 4 Comments

सरिता की धारा सम जीवन

नित्य करेला खाकर गुरु जी, मीठे बोल सुनाते हैं,

नीम पात को प्रात चबा बम, भोले का गुण गाते हैं.

उपरी छिलका फल अनार का, तीता जितना होता है

उस छिलके के अंदर दाने, मीठे रस को पाते हैं.

कोकिल गाती मुक्त कंठ से, आम्र मंजरी के ऊपर

काले काले भंवरे सारे, मस्ती में गुंजाते हैं.

कांटो मध्यहि कलियाँ पल कर, खिलती है मुस्काती है

पुष्प सुहाने मादक बनकर, भौंरों को ललचाते हैं.

भीषण गर्मी के आतप से, पानी कैसे भाप बने

भाप बने बादल जैसे ही, शीतल जल को लाते…

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Posted on August 4, 2015 at 9:00pm — 4 Comments

Comment Wall (14 comments)

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At 10:17am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय जवाहर जी आपका हार्दिक आभार !

At 10:12am on May 12, 2013, बृजेश नीरज said…

आदरणीय जवाहर जी आपको यहां साथ देखकर मुझे अपार खुशी हुई। आपकी शुभकामनाओं हेतु हार्दिक आभार! अपना स्नेह यूं ही बनाए रखिएगा!
सादर!

At 10:57am on November 29, 2012, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…

सादर नमस्कार श्री जवाहर जी.............!!

At 2:41pm on May 20, 2012, Yogi Saraswat said…

बहुत बहुत धन्यवाद श्री जवाहर  जी  ! आपका  आशीर्वाद  मिला

At 7:14pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

jawahar bhai sahab, namaskar,

meri kavita pasand karne ke liye dhanyvad...

'click' par click karne se to transliterate ka page khulta hai..kya wahan se copy/paste  karna hoga???

At 11:17pm on April 9, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

हे, मेरे ईश्वर,

हे मेरे परमात्मा,

दे इन्हें सदबुद्धि,

दे इन्हें आत्मा,

न लड़ें, ये खुद से,

कभी धर्म या भाषा के नाम पर,

प्रिय जवाहर जी जय श्री राधे --प्रभु आप के मन की बात सुनें ..सब एकीकृत हों प्यार इस चमन में गूंजे पुरवाई चले प्रेम और स्नेह की 

सुन्दर ...
भ्रमर ५ 


At 2:41pm on April 7, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…

Shri jawahar ji aapne meri kavitayen pasand ki uske liye aabhari hun kirpya isi prakar haunsa badaye.dhanyabad.

At 12:47pm on April 2, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniy singh sahab ji , dhanyvad. ye apki mahanta hai.

At 5:43pm on March 22, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

abhar aapka sneh hetu mahodaya ji. aap to mala ke pendulam hain. shobha aap se hi hai.singh sahab ji.

At 3:30pm on March 15, 2012, MAHIMA SHREE said…
आदरणीय जवाहर जी
सादरनमस्कार ....आपका हार्दिक धन्यवाद....स्नेह बनाए रखे
 
 
 

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"सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय सुशील सरना जी। बहुत-बहुत बधाई। सादर। "
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"बढ़िया क्षणिकाएँ हैं आदरणीय सुशील सरना जी। हार्दिक बधाई स्वीकर कीजिए। सादर। "
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"आदरणीय श्याम जी नमस्कार    बहुत बहुत धन्यवाद ।"
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"आदरणीय आरिफ जी नमस्कार  आपकी शिर्कत व हौसला अफजाई केलिए बहुत बहुत शुक्रिया ।"
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"आदरणीय  नरेंद्र सिंह  जी, बहुत बहुत आभार ।"
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"आदरणीय ब्रजेश कुमार जी, बहुत बहुत आभार ।"
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