For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

somesh kumar
  • Male
  • delhi
  • India
Share

Somesh kumar's Friends

  • jaan' gorakhpuri
  • Hari Prakash Dubey
  • Rahul Dangi
  • विनोद खनगवाल
  • Manan Kumar singh
  • gumnaam pithoragarhi
  • atul kushwah
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • vijay nikore
  • ajay sharma
  • JAWAHAR LAL SINGH
 

somesh kumar's Page

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on somesh kumar's blog post गाँव जबसे कस्बे - -- -
"बहुत ही शानदार..गहरे निहितार्थों को प्रतिबिम्बित करती हुई रचना..बधाइयाँ"
Jun 23
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on somesh kumar's blog post गाँव जबसे कस्बे - -- -
"मिटते धुंधलाते  गाँव की याद दिलाती अचछी  कविता . सप्रेम ."
Jun 23
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on somesh kumar's blog post मछली और दाँत
"कथन  कुछ अस्पष्ट सा लगा  हालांकि आपकी इसमें कोई  गति अवश्य होगी पर पाठक  उसे पकड सके यह भी आवश्यक है . इसे ही सम्प्प्रेषणीयता   कहते हैं ."
Jun 23

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on somesh kumar's blog post गाँव जबसे कस्बे - -- -
"बहुत सुंदर सार्थक संदेश देती हुई कविता आज आधुनिकता के नाम पर हमने क्या क्या भेंट चढ़ा दिया सुंदर उदाहरण पेश करती हुई रचना बहुत बहुत बधाई आद० सोमेश जी "
Jun 18
somesh kumar posted blog posts
Jun 16
somesh kumar commented on Sushil Sarna's blog post तुम्हारी कसम ...
"तुम्हारी कसम उस वक्त तुम मेरे तसव्वुर की चौखट पर बिना दस्तक आये थे मैं कुछ कह न सकी बस भीगती रही , भीगती रही बरसती बारिश में तुम्हारी आगोश के इंतज़ार में इक इक पल भीगता रहा उस…"
Jun 16
रामबली गुप्ता commented on somesh kumar's blog post एक दो तीन - -
"अतुकान्त पर अच्छा प्रयास हुआ है मित्रवर। हार्दिक बधाई स्वीकारें। सादर"
Jun 13
somesh kumar posted blog posts
Jun 12
somesh kumar commented on somesh kumar's blog post एक दो तीन - -
"शुक्रिया कृपया ऐसे ही अपने स्नेह एवं मार्गदर्शन देते रहें  सविनित"
Jun 12
somesh kumar commented on somesh kumar's blog post चुग्गा
"हौसलाफजाई एवं  स्वीकृति के लिए शुक्रिया आ. मोहम्मद आरिफ भाई |"
Jun 12
Mohammed Arif commented on somesh kumar's blog post एक दो तीन - -
"आदरणीय सोमेश जी आदाब, बहुत ही मासूम बच्चों-सी अभिव्यक्ति ।अच्छा प्रयास । बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 11
Mohammed Arif commented on somesh kumar's blog post चुग्गा
"आदरणीय सोमेश जी आदाब, बेहतरीन प्रयास । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 11
somesh kumar posted a blog post

एक दो तीन - -

एक दो तीन- - - एक दो तीनफिर अनगिनमन्डराती रहीं चीलेंघेरा बनाएआतंक के साएँ मेंचिंची-चिंची-चिंचीपंख-विहीन |एक दो तीन- - -फुदकी इधर सेफुदकी उधर सेघुस गई झाड़ी मेंपंजों के डर सेजिजीविषा थी जिन्दाकरती क्या दीन !एक दो तीन- - -झाड़ी में पहले सेकुंडली लगाएबैठे थे विषदंतघात लगाएटूट पड़े उस पेदंत अनगिन | एक दो तीन- - -प्राणों को खोकरपंखों को पाकरचिड़िया पूछती हैपंख फड़फड़ा करकिन चोंचों में हैंआज़ादी के दिन |एक दो तीन- - - सोमेश कुमार(मौलिक एवं अप्रकाशित )See More
Jun 11
somesh kumar shared their blog post on Facebook
Jun 11
Sheikh Shahzad Usmani commented on somesh kumar's blog post एक फैसले की उलझने
"सारी उलझनों को स्पष्ट करती हुई यथार्थ के धरातल पर रची बढ़िया प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय सोमेश कुमार जी ।"
Jan 3, 2016
Samar kabeer commented on somesh kumar's blog post एक फैसले की उलझने
"जनाब सोमेश जी आदाब,इस प्रस्तुति के लिये बधाई स्वीकार करें |"
Jan 1, 2016

Profile Information

Gender
Male
City State
delhi
Native Place
azamgardh
Profession
teacher and freelance writer
About me
passionate lover of hindi sahitya

Somesh kumar's Blog

मछली और दाँत

मछली और दाँत

अचानक ! बरसात आती है

सड़क चलती लड़की

भीग जाती है |

एक्वेरियम की छोटी रंगीन

मछली तैर-तैर के

मन रीझ जाती है ||

x x x x x x x x

देखता हूँ टकटकी लगाए

जब तक ना होती ओझल |

“दाना-दाना-दाना-दाना”

उकसाता पुरुष मन चंचल ||

x x x x x x x x x x

बेटी सहसा आ,छेड़ देती बात

हमले से,काँप उठता है गात |

और मैं देखता हूँ छोटी मछली

और बढ़ते हुए बड़े-बड़े दाँत ||

सोमेश कुमार(मौलिक…

Continue

Posted on June 16, 2017 at 2:48pm — 1 Comment

गाँव जबसे कस्बे - -- -

गाँव जबसे कस्बे - - - -

गाँव जबसे कस्बे

होने लगे |

बीज अर्थों के,रिश्तों में

बोने लगे |

गाँव जबसे कस्बे- - - -

पेपसी,ममोज़ चाऊमीन से

कद बढ़ गया |

सतुआ-घुघुरी-चना-गुड़ से

बौने लगे |

पातियों का संगठन

खतम हो गया

बफ़र का बोझ अकेले ही

ढोने लगे |

गाँव जबसे कस्बे- - - -

पत्तलों कुल्ल्हडो की

 खेतियाँ चुक गईं |

थर्माकोल-प्लास्टिक से

खेत बोने लगे…

Continue

Posted on June 15, 2017 at 9:30am — 3 Comments

दृश्य

लोकतंत्र के दड़बे में

मुर्गी जब से मोर हो गई

सावन ही सावन दिखता है

सब कुछ मनभावन दिखता है |

 

लोकतंत्र के पिंजड़े में

कौए जब से कैद हो गए

टांय-टांय का टेर लगाते

सब कुछ मनभावन बतलाते |

 

लोकतन्त्र के फुटपाथों पर

दाना खाता श्वेत कबूतर

बस कूहू-कूहू गाता है

सब मधुर-मधुर बतलाता है |

 

लोकतन्त्र के हरे पेड़ पर

कठफोड़वा हो गया कारीगर

“अहं-बया” चिल्लाता है

सब कुछ अच्छा बतलाता है…

Continue

Posted on June 12, 2017 at 9:00am

चुग्गा

   चुग्गा

 

उस अज़नबी स्त्री की

मटकती पतली कमर पे

पालथी मारकर बैठा है

मेरा जिद्दी मन |

पिंजरे का बुढ़ा तोता

बाहर गिरी हरी मिर्च देख

है बहुत ही प्रसन्न  |

x x x x x x x  x

पसीना-पसीना पत्नी आती है

मुझपे झ्ल्ल्लाती है

रोती मुनिया बाँह में डाल

मिर्च उठाकर चली जाती है

x x x x x x x x  x

तोता मुझे और

मैं तोते को

देखता हूँ |

वो फड़फड़ा कर

पिंजरा हिलाता है…

Continue

Posted on June 11, 2017 at 11:32am — 2 Comments

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:52pm on January 26, 2015, kanta roy said…
बहुत बहुत आभार सोमेश जी
At 7:42pm on November 18, 2014,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…
आ, सोमेश भाई , महीने के सक्रिय सदस्य चुने जाने पर आपको बहुत बहुत बधाई ।
At 10:14am on November 16, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

आपकी मित्रता का स्वागत है आदरणीय सोमेश जी.

सादर!

At 9:11pm on November 13, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सोमेश कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 4:49pm on November 11, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

सोमेश जी

आपने  कठिन शब्दो के अर्थ  बताने के लिये कहा है - मेर्री समझ में जो शब्द कुछ कठिन है उनके अर्थ दे रहा हूँ

निर्माल्य - जो फूल देवता पर चढ़ चुका हो या माला से टूट गया हो

अनीह - इच्छारहित

अव्यय - अविनाशी

घट कर्ण -कुंभ कर्ण

रौप्य-- चाँदी 

At 6:12am on November 1, 2014,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय सोमेश भाई , आपको इस मंच पर देख कर बहुत खुशी हुई , आप सही जगह आये हैं । लगभग एक मही ने से मंच से जुड नही पाया , तबीयत ठीक हुई तो घर बदलने का भारी काम सामने आ गया , रिटायर्मेंट के बाद बी एस पी का मकान छोडना था , इसी महीने मेरा मकान बन के तैयार हुआ , दीवाली के पहले मकान बदलने का तय हुआ । मकान बदलने  के बाद मेरा ब्राड्बेंड कनेक्शन अभी तक ट्रांसफर नही हुआ है , नेट न होने के कारण भी दूरी बनी रही । अभी भी ब्राडबैंड नही है , एक डोन्गल से काम चला रहा हूँ , जो कल रात एक्टीवेट हुआ है । धीमा ही सही दोंगल लाम कर रहा है । अब रोज मुलाकात होगी यहीं ।

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

पंकजोम " प्रेम " commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post मज़ाहिया ग़ज़ल
"वाह जनाब उम्दा ग़ज़ल हुई है ........ वाह वाह बहुत ख़ूब"
1 minute ago
पंकजोम " प्रेम " posted a blog post

" शायरी "

वजन - 212 212 212 212..... " शायरी " .........मेरे रुख़ की हँसी कौन है , शायरी .....मेरी जां जिंदगी…See More
2 minutes ago
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post चरित्र गिर रहा है
"आदरणीय शुक्ला जी आपका कोटिशः आभार।"
3 minutes ago
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " पर्दा हटाना हो गया "
"आपके आशिर्वाद का दिल से शुक्रगुज़ार हूँ , आ0 दादा समर कबीर जी ....."
3 minutes ago
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post चरित्र गिर रहा है
"आदरणीय मोहित मिश्रा जी आभार स्वीकार करें।"
4 minutes ago
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " पर्दा हटाना हो गया "
"बहुत बहुत शुक्रिया आ0 दादा आशुतोष जी ...आ0 दादा रामानुज जी .... आ0 दादा मुहम्मद आरिफ जी ...."
4 minutes ago
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post चरित्र गिर रहा है
"आदरणीय बृजेश जी सादर आभार।"
4 minutes ago
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post चरित्र गिर रहा है
"आदरणीय कुशक्षत्रप जी सादर आभार स्वीकार करें। सतत मार्गदर्शन की अपेक्षा करता हूँ।"
5 minutes ago
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post खामोश आखें
"आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी कोटिशः धन्यवाद, अप्रकाशित रचना पहले से थी, इसीलिए प्रेषित कर दिया।"
14 minutes ago
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post खामोश आखें
"आदरणीय समर कबीर जी, सादर धन्यवाद स्वीकार करियेगा। आपका स्नेह बना रहे"
17 minutes ago
SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल -राजाधिराज का गिरा’ दुर्जय कमान है-कालीपद 'प्रसाद'
"बहुत ही ख़ूबसूरत  ग़ज़ल ... बधाई,"
50 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on rajesh kumari's blog post आइना जब क़ुबूल कहता है (ग़ज़ल 'राज')
"मुहतर्मा राजेश कुमारी साहिबा ,उम्दा ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं"
51 minutes ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service