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Mukesh Kumar Saxena
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Mukesh Kumar Saxena commented on Tanuja Upreti's blog post धरती रोती है
"धरती की पीड़ा को महसूस कराती अत्यंत भावप्रवण् रचना के लिए बधाई ।"
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Mukesh Kumar Saxena commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post नतीज़ा_____मनोज कुमार अहसास
"तेरे बिन जीत ज़माने की भला क्या चाहूँ । सच है ।सुंदर अभिव्यक्ति ।"
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Mukesh Kumar Saxena replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59
"गुनहगार हूँ ,मैं सज़ा चाहता हूँ । मै राज़ी हूँ तेरी रज़ा चाहता हूँ । तू एक बार मुझको गले से लगा ले, मैं एक दोस्त तो वा-वफ़ा चाहता हूँ । तू मुझको बता दे हर राज़ अपना , मैं गम को तेरे वाँटना चाहता हूँ । जो दिल को सुकूँ रूह को ताज़गी दे , मैं कानो में ऐसी…"
May 23, 2015
Mukesh Kumar Saxena replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59
"http://गुनहगार हूँ ,मैं सज़ा चाहता हूँ । मै राज़ी हूँ तेरी रज़ा चाहता हूँ । तू एक बार मुझको गले से लगा ले, मैं एक दोस्त तो वा-वफ़ा चाहता हूँ । तू मुझको बता दे हर राज़ अपना , मैं गम को तेरे वाँटना चाहता हूँ । जो दिल को सुकूँ रूह को ताज़गी दे , मैं कानो में…"
May 23, 2015

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी and Mukesh Kumar Saxena are now friends
Jul 15, 2014
Ashok Kumar Raktale commented on Mukesh Kumar Saxena's blog post ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा सामना करो
"मुझे ना चाहं है यश की ना भय है अपयश का , न धन न पद ही न सम्मान लुभा पायेगा।  ईश का  आशीष है सर पर मेरे तो सर्वदा, मै नहीं डरता हूँ चाहें जैसे मुझपे वार करो.........सुन्दर अभिव्यक्ति आदरणीय मुकेश कुमार सक्सेना जी."
May 31, 2013
Mukesh Kumar Saxena replied to Neeraj Mishra "प्रेम"'s discussion कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों
"AAP SHAM PRITSHAT THEEK KAH RAHE HAI MAGAR YEH NIYAMAWALI HI TO KAVITA KA NIRMAN KARTI HAI.BARNA YEH KAVIYON KA MANCH NA RASH KAR FB KA SHARE YOUR THOUGHT BAN KAR RASH JAYEGA"
May 28, 2013
Meena Pathak commented on Mukesh Kumar Saxena's blog post ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा सामना करो
"ईश्वर का आशीर्वाद साथ हो तो फिर क्यूँ डरना मुश्किलों से .......... बेहद खूबसूरत रचना आदरणीय मुकेश जी .. बधाई स्वीकारें "
May 27, 2013
विजय मिश्र commented on Mukesh Kumar Saxena's blog post ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा सामना करो
" ईश्वर में निष्ठा और परिस्थितिओं से दो-चार करने का माद्दा हो तो सचमुच इस संघर्षमय जीवन को डरने की क्या जरूरत ?  "अब सताएगा भला कौन जानता हूँ जब मै , डरो किसी से नहीं या तो करो या तो मरो । "--- यह संकल्प प्रयाप्त है जीवन…"
May 27, 2013
जितेन्द्र पस्टारिया commented on Mukesh Kumar Saxena's blog post ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा सामना करो
"आदरणीय...मुकेश जी, बहुत ही अच्छे तरीके से आपने मुश्किलों से सामना करना करना सिखा दिया, "जिंदगी से भी कहाँ हार मानी है, छीन लाया हूँ कई बार मौत से इसको " ...शुभकामनाऐं"
May 24, 2013
Mukesh Kumar Saxena posted a blog post

ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा सामना करो

ऐ  मेरी  मुश्किलों  सब मिलके   मेरा सामना करो मै  अकेला ही  बहुत हूँ  तुमसे निबटने के लिए ,ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा सामना करो ।आज मै  भी तो देखूं तुम्हारा जोर जरा,तुम भी देखो मै  डरूं  तुमसे या तुम मुझसे डरो । जिन्दगी से भी कहाँ हार मैंने मानी है ?छीन लाया हूँ कई बार मौत से इसको ,हे मुसीबतों तुम्हारा स्वागत है ,है मुनासिब तुम्हे की आज से तुम मुझसे डरो । हर नए दुःख में मै  खुद में नया बल पाता हूँ ।खुदा के और भी नज़दीक खुद को पाता हूँ ।अब सताएगा भला कौन जानता हूँ जब मै ,डरो किसी से नहीं या…See More
May 24, 2013
Mukesh Kumar Saxena shared their discussion on Facebook
May 23, 2013
Mukesh Kumar Saxena added a discussion to the group English Literature
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SILENCE

SILENCEVERY CALM & COOLWITH FULL OF JOYS,ENJOYING SILENCE        AWAY FROM THE NOISE.         A SOUNDLESS WHISPERHITMY EARDRUMI IGNORED TWICE.HEY !LISTEN ME CAREFULLYYOU DONT HAVEANY CHOICEOVERWHLEMED& EAGERLYI PUT MY EARSTO THE VOICE.I AM THEVOICE OF SILEENCE .A SPEECHLESSCONVERSATIONIF YOU PAY ATTENTIONI WILL REMOVEEACH TENTION.WITHOUT WORDSWITHOUT LANGUAGE I WILL CLEARALL THE CONFUSION.LEARN THE LANGUAGEOF SILENCETO FIND THE BEST SOLUTION.BECAUSE SILENCEMEANS ATTENTION,MOTIVATION…See More
May 22, 2013
Mukesh Kumar Saxena joined Admin's group
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English Literature

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May 17, 2013
Mukesh Kumar Saxena liked Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - ३०
Apr 6, 2013
LOON KARAN CHHAJER left a comment for Mukesh Kumar Saxena
"Please send  your photo and one poem. our publising date is 12 & 25 day of every Month. Readership is good." Holi ki Rachana ka upyog nahi ho paya" because your massage received  late. Thanks. lkchhajer@gmail.com"
Mar 31, 2013

Profile Information

Gender
Male
City State
Jammu
Native Place
Haridwar
Profession
govt Job

आँसू

आँसू

तमन्ना है तुम्हारी आँख का आँसू मैं बन जाऊ .
                              तेरे दामन को भिगो दूं उसी में ज़ज़्ब हो जाऊ.

जन्म लूँ आँख में तेरी बहू मैं गाल पे तेरे.

तेरे होठो को छू लूँ मैं होंठ छूते ही मर जाऊ
तमन्ना है तुम्हारी आँख का आँसू
मैं बन जाऊ .

अगर मैं आँख में निकलू नज़ारे धुँधले हो जाए .
मुझे ही देख पाओ तुम तुम्हें मैं ही नज़र आऊ.
तमन्ना है तुम्हारी आँख का आँसू
मैं बन जाऊ .

कभी ऐसा भी हो निकलू मैं और पलकें बंद तुम कर लो.
अंधेरा हो घना और मैं सुख की नींद सो जाऊ .

तमन्ना है तुम्हारी आँख का आँसू
मैं बन जाऊ .

Mukesh Kumar Saxena's Blog

ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा सामना करो

ऐ  मेरी  मुश्किलों  सब मिलके   मेरा सामना करो

 

मै  अकेला ही  बहुत हूँ  तुमसे निबटने के लिए ,

ऐ मेरी मुश्किलों सब मिलके मेरा…

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Posted on May 24, 2013 at 9:30pm — 5 Comments

मुझको सरल बनाइये ।

पाषाण सा मैं कठोर हूँ मुझको तरल बनाइये । 

मेरे छल कपट को छीन कर मुझको सरल बनाइये ।

मुझे शक है अपने आप पर बिश्वास भी खुद पर नहीं । 

मेरी पकड़ भी कमजोर है हाथों में  मेरे बल नहीं…

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Posted on March 7, 2013 at 11:09am — 7 Comments

राम या राम चन्द्र

दोस्तों ।



आज विजय दशमी है आज के दिन राम ने रावण को मारा था । यह एक मधुर कल्पना है की चाँद किस प्रकार खुद को राम के हर कार्य से जोड़ लेता है और फिर राम से शिकायत करता है और राम भी उस की बात से सहमत हो कर उसे वरदान दे बैठते है आइये देखते है ।

राम या राम चन्द्र

जब चाँद का धीरज छुट गया…

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Posted on October 24, 2012 at 1:00pm — 4 Comments

गीत

दोस्तों आज़ादी की इस पवित्र वेला में मै आज वहुत दिनों के बाद अपनी उपस्थिति दर्ज करवा  रहा हूँ । और क्यों की आज हम आज़ादी के 65 वर्ष पूरे करके 66 वर्ष में प्रवेश कर रहे है । मै इस झंझट में विल्कुल नहीं पडूंगा की हमने क्या खोया क्या पाया। मै तो एक दृश्य और उस पर लिखे अपने एक गीत को आप के साथ बाँटना चाहता हूँ।…

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Posted on August 15, 2012 at 11:30am — 3 Comments

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At 5:38pm on March 31, 2013, LOON KARAN CHHAJER said…

Please send  your photo and one poem. our publising date is 12 & 25 day of every Month. Readership is good." Holi ki Rachana ka upyog nahi ho paya" because your massage received  late. Thanks.

lkchhajer@gmail.com

At 12:23am on April 9, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

जन्म लूँ आँख में तेरी बहू मैं गाल पे तेरे. 
तेरे होठो को छू लूँ मैं होंठ छूते ही मर जाऊ 
तमन्ना है तुम्हारी आँख का आँसू मैं बन जाऊ . 

मुकेश जी प्रेम में तमन्ना भी अजीब होती हैं निछावर और समर्पण की बहुत खूब ..सुन्दर प्रस्तुति  ..जय श्री राधे 

भ्रमर ५ 


At 9:05pm on December 24, 2011, Admin said…

 
 
 

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