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TEJ VEER SINGH
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TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी।लाज़वाब गज़ल। शराफत बिक रही बाज़ार में अब ।शरीफों का बयाना चल रहा है ।।"
Thursday
TEJ VEER SINGH commented on Samar kabeer's blog post 'वतन को आग लगाने की चाल किसकी है'
"हार्दिक बधाई आदरणीय समर क़बीर साहब जी।लाज़वाब गज़ल। ज़रा सा ग़ौर करोगे तो जान जाओगे वतन को आग लगाने की चाल किसकी है"
Thursday
TEJ VEER SINGH commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखो
"हार्दिक बधाई आदरणीय महेंद्र कुमार जी। बेहतरीन गज़ल । लोग जितना ही सुधरने को हमें कहते थे हमने उतना ही यहाँ ख़ुद को बिगाड़ा देखो मैंने भी छोड़ दिया ख़ुद को तो अब दुख कैसा तुमने चाहा ही यही था मुझे तन्हा देखो"
Jan 16
TEJ VEER SINGH commented on विनय कुमार's blog post अपनों का दर्द- लघुकथा
"हार्दिक बधाई आदरणीय विनय जी। बेहतरीन लघुकथा ।"
Jan 16
TEJ VEER SINGH commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post जागो उठो हे लाल तुम (मधुमालती छंद)
"हार्दिक बधाई आदरणीय  सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी।बेहतरीन रचना। रण में तुझे, जो मार दे, या फन उठा, फुफकार दे।ऐसा यहाँ, जग में कहीं, है अब तलक, जन्मा नहीं।।"
Jan 16
TEJ VEER SINGH commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : अशआर मेरे जिनको सुनाने के लिए हैं
"हार्दिक बधाई आदरणीय महेंद्र कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। जी करता है दुनिया को जला दूँ मैं इन्हीं से ये दीप जो मन्दिर में जलाने के लिए हैं"
Jan 16
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post देहलीज़  -  लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय  Mahendra Kumar जी।"
Jan 16
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post देहलीज़  -  लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी।"
Jan 16
Mahendra Kumar commented on TEJ VEER SINGH's blog post देहलीज़  -  लघुकथा -
"अच्छी लघुकथा है आदरणीय तेज वीर सिंह जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."
Jan 16
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on TEJ VEER SINGH's blog post देहलीज़  -  लघुकथा -
"आद0 तेजवीर सिंह जी सादर अभिवादन। अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें"
Jan 16
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post देहलीज़  -  लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय फूल सिंह जी।"
Jan 12
PHOOL SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post देहलीज़  -  लघुकथा -
""तेजवीर साहब " सच्चाई को उजागर करती एक सूंदर रचना, बधाई स्वीकारें"
Jan 10
TEJ VEER SINGH commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९०
"हार्दिक बधाई आदरणीय राज नवादवी जी। बहुत सुंदर गज़ल। लोग क्या ‘राज़’ की समझेंगे शहादत यारोउसने किरदार को मारा है कहानी के लिए"
Jan 9
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल: फिर नए सपने दिखाना चुप रहो
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी। बहुत सुंदर गज़ल।"
Jan 9
TEJ VEER SINGH commented on विनय कुमार's blog post कसक- लघुकथा
"हार्दिक बधाई आदरणीय विनय कुमार जी। बहुत सुंदर संदेश प्रद लघुकथा।यही है आज की कड़वी सच्चाई।"
Jan 9
TEJ VEER SINGH commented on vijay nikore's blog post बाद ए सबा
"हार्दिक बधाई आदरणीय विजय निकोरे जी।बहुत सुंदर रचना।"
Jan 9

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देहलीज़  -  लघुकथा -

देहलीज़  -  लघुकथा -

दिल्ली में जनवरी की कयामत की सर्दी वाली रात। रात के ग्यारह बजे के लगभग घर की डोर बेल बजी।  घर में दो बुजुर्ग प्राणी। दोनों ही सत्तर  पार। आमतौर पर नौ बजे तक रजाई में घुस जाते थे। गहरी नींद में थे। बार बार घंटी बजी तो शर्मा जी की आँख खुली तो उठकर द्वार खोलने चल दिये। खटर पटर की आवाज से तथा लाइट जलने से मिसेज शर्मा भी आँख मलते हुए उठ बैठी।

"सुनो जी, तुम रुको, मैं खोलती हूँ।"

वे थोड़ी मजबूत थीं। शर्मा जी दुबले पतले और बीमार  भी थे। वे रुक गये। मिसेज शर्मा…

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Posted on January 8, 2019 at 6:14pm — 10 Comments

कुंठा - लघुकथा -

कुंठा - लघुकथा -

आदरणीय मामाजी,

आपने मेरे लिये जो किया वह मैं जीवन भर नहीं भूल सकता। आपने अपना भविष्य दॉव पर लगा दिया| आपकी बी ई की पढ़ाई छूट गयी। वह घटना मेरे जीवन की भयंकर भूल थी।जिसके अपराध बोध से आज तक ग्रसित हूँ।

उस समय मैं केवल  सात साल का था अतःइतना डर गया था कि सच नहीं बोल सका।

इतने साल बाद आज मैं आपको सच बताने का साहस जुटा पाया हूँ|

दिवाली की उस रात  खाने के बाद आप जब पान खाने जाने लगे तो मैं भी जिद करके आपके साथ चल दिया था।

आपने पान वाले को…

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Posted on December 8, 2018 at 7:28pm — 6 Comments

सन्नाटा  -  लघुकथा  -

सन्नाटा  -  लघुकथा  - 

सोनू ने स्कूल से आते ही, स्कूल बैग  पटक कर, सीधे दादा जी के कमरे का रुख किया, "दादा जी, ये ब्लफ मास्टर क्या होता है?"

 दादाजी अपने दोस्तों के साथ वर्तमान राजनीति पर चर्चा में मशगूल थे।जिनमें कुछ लोकल लीडर भी थे| अतः सोनू को टालने के लिये कहा,"सोनू, अभी तुम स्कूल से आये हो। ड्रेस बदल कर कुछ खा पी लो। फिर बात करते हैं।"

"नहीं दादाजी, मुझे पहले यह जानना अधिक जरूरी है।"

"सोनू, अभी हम लोग देश के मौजूदा हालात के बारे में कुछ आवश्यक बात कर रहे…

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Posted on November 20, 2018 at 10:34am — 15 Comments

पहल - लघुकथा -

पहल - लघुकथा -

सुखदेव जी का पांच साल का बेटा आइने के आगे खड़े होकर सिगरेट मुंह में लगाकर अपने पापा की सिगरेट पीने की स्टाइल की नक़ल कर रहा था।

सुखदेव जी की नज़र जैसे ही उस पर पड़ी, उनकी खोपड़ी भन्ना गयी।गुस्से में तमतमा गये।

"यह क्या कर रहा है बबलू?"

"पापा, देखो आप ऐसे ही पीते हो ना सिगरेट। मैं बिलकुल कॉपी कर लेता हूँ।"

"मगर इसमें धुआँ तो निकल ही नहीं रहा।" उसकी बहिन ने तंज कसा।

"वह भी निकलेगा,  थोड़ा बड़ा हो जाने दो।"

"मैं अभी निकालता हूँ तेरा…

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Posted on November 13, 2018 at 10:49am — 11 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 1:42pm on July 28, 2018, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय तेजवीर जी आपकी लघु कथाओं का नियमित पाठक हूँ और इस विधा पर लिखने का प्रयास भी आप सबकी रचनाएँ पढ़कर करता हूँ / आपके मित्रों की सूची में शामिल होना मेरे लिए सुखद है सादर प्रणाम के साथ 

At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

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 ग़ज़ल की बातें 

 

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