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एक क्षण ,

मैंने उस फूल की पंखुड़ी को होठों से,
सहला भर दिया था 
सिहर गयी थी शाख,
जड़ की गहराईयों तक,
हिल उठी थी धरा,
भौंचक था आसमाँ  भी
उस पल 
कितना सहम गया था बागवाँ,
तब, ठिठक कर रुक गया था,
जिंदगी का कारवाँ,
लगा-
कहीं  कोई भूल तो नहीं हो गई,
उफ़!
मैंने तो बस सराहा था, 
ऐसा तो नहीं चाहा था . 
 मौलिक और अप्रकाशित 

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Comment by Ketan Parmar on July 10, 2013 at 1:56pm

बहुत सुन्दर! हार्दिक बधाई!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 4, 2013 at 10:53am

आपका सदा स्वागत है, आदरणीय ललितजी.. .

Comment by Dr Lalit Kumar Singh on July 4, 2013 at 6:33am
नीरजम भाई, वीनस भाई और निकोरे सर जी का आभार 
सादर 
Comment by Dr Lalit Kumar Singh on July 4, 2013 at 6:32am
आदरणीय सौरभ भाई,
 आपने, मर्म का जो यथार्थ चित्रण अपनी कूची से किया, भावविह्वल कर गया।
सादर 
Comment by वीनस केसरी on July 3, 2013 at 11:02pm
डॉ साहब थोडा कह कर बहुत कुछ कह गये ... रचना की सार्थकता स्वयं सिद्ध है

हार्दिक बधाई स्वीकारें
Comment by बृजेश नीरज on July 3, 2013 at 9:42pm

बहुत सुन्दर! हार्दिक बधाई!

Comment by vijay nikore on July 3, 2013 at 8:18pm

इस सुन्दर रचना के लिए बधाई, आदरणीय।

सादर,

विजय निकोर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 3, 2013 at 7:32pm

सौंदर्य और लालित्य के प्रति दृष्टिबोध सदा से सामाजिक चेतना के लिए अत्यंत संवेदशील विन्दु रहा है.

जो सौंदर्य अनुभूतियों को स्वर देता है, जो लालित्य भावनाओं को विस्तार देता है स्थूल रूप से सभाव्य हो कर सामाजिक मर्यादाओं का अतिक्रमण करता प्रतीत होता है.

इस अत्यंत बारीक रेखा का संतुलित निर्वहन रचनाकर्म की उदात्तता और रचनाकार के व्यक्तित्व का उद्घोष है. नैतिकता की सापेक्ष परिभाषा नहीं होती किन्तु एक अनुमन्य विन्दु को भाव-चितेरा सदा से संवेदित करता रहा है.

प्रस्तुत रचना इसी निर्दोष एवं अनायास अन्वेषण को समर्पित भाव दशा है.

इस रचनाकर्म केलिए आदरणीय ललितजी का सादर अभिनन्दन.

सादर

Comment by Dr Lalit Kumar Singh on July 3, 2013 at 6:01pm

आप सारे सुधी जनों का आशीर्वाद सर माथे 

 सदर आभार 

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on July 3, 2013 at 5:23pm

आदरणीय डॉ ललित कुमार जी, छंद मुक्त कविता में भावनाओं को पिरोने का कार्य बाखूबी संपन्न हुआ है, कविता हुई है, इस खुबसूरत अभिव्यक्ति पर ढेरों बधाईयाँ प्रेषित है, स्वीकार करें .  

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