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मेरे सीने में तेरी जुदाई का गम [नज़्म ]

मेरे सीने में तेरी जुदाई का गम ।

मुझको जीने न दे बेवफाई का गम ।

बदले दुआ के दगा दे गये ।

मोहब्बत की ऐसी सजा दे गये ।

कोई जाकर उन्हें ये बताये ज़रा ,

क्या माँगा था हमने वो क्या दे गये ।

ये हाल दिल का मै किस से कहूँ ,

कौन समझेगा दिल की दुहाई का गम ।

मेरे टूटे दिल की वफ़ा के लिए ।

इन धडकनों की सदा के लिए ।

तुझको कसम है कि मिलने मुझे ,

बस एक बार आजा खुदा के लिए ।

जिसको मिला है ये जाने वही,

दिल में छुपी तनहाई का गम ।

मौलिक व अप्रकाशित

नीरज

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Comment

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Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:41am

बहुत बहुत अनुग्रहीत हूँ
आदरणीय राजेश जी आपकी बधाई से
सादर आभार ........._/\_

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:38am

बहुत बहुत धन्यवाद अरुण भाई

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:31am

आदरणीया प्राची जी आपको बहुत बहुत आभार ।

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:29am

धन्यवाद आदरणीया प्रीती जी

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:25am

राजेश भाई बाल बच्चे तो नही हैं मेरे
और जिसका अनुभव ही नही है उसको लिखना
मेरी नज़र में बेईमानी है
वो एक कल्पना से ज्यादा और कुछ नही होगा
। तहे दिल से शुक्रिया

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:18am

शुक्रिया श्याम नारायण जी

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:17am

धन्यवाद कुंती जी

Comment by Neeraj Nishchal on July 12, 2013 at 10:17am

आदरणीया कविता जी सही कहा आपने
और आपकी बात मान ने की कोशिश करूँगा
बहुत बहुत धन्यवाद


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 11, 2013 at 3:12pm

जिसको मिला है ये जाने वही,

दिल में छुपी तनहाई का गम

बधाई भाईजी.. .

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 11, 2013 at 12:07pm

आदरणीय नीरज मिश्र जी टूटे हुए दिल का दर्द बयां करने की अच्छी कोशिश की है आपने इस नज्म पर बधाई स्वीकारें.

कृपया ध्यान दे...

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