For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मेरे दादाजी को श्रद्धांजली स्वरूप कुछ पंक्तियाँ  

पिता! 

तुम छत थे

ढह गये
तीव्र उम्र तूफान से
दरक गयीं दीवारें
लगाव ख़त्म
आपसदारी 'थी'
'है' नही
न कोई बचाव
धूप से
या बारिश से
शीत से
या गैरों से
न रहा घर
रह गया ढेर
ईंटों का
तुम थे 'एक छत'
हम 'चार दीवारें'
मिटा दिया हमने
अहसास
तुम्हारे होने का
तुम गये, शेष
एक प्रश्न
अवशेष
क्या दीवार के साये में
सुकून होगा
छत के साये सा ?
               - गीतिका 'वेदिका'

मौलिक/ अप्रकाशित 

Views: 724

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by वेदिका on August 4, 2013 at 4:43pm

आदरणीय अभिनव अरुण जी! 

आपका कथन अकाट्य सत्य है,, बुजुर्गों की दी हुयी सीखें  ही  जीवन के सर्वाइव को आसान बनाती है|

सादर !! 

Comment by वेदिका on August 4, 2013 at 4:41pm

आपका आभार स्नेही राम भैया! आपने रचना को सराहा  

Comment by वेदिका on August 4, 2013 at 4:40pm

आदरणीया राजेश कुमारी जी! 

आपका प्रदाय सम्बल आपके बडप्पन को दर्शाता है, आपके स्नेह की सदैव कृतग्य हूँ 

सादर!

Comment by वेदिका on August 4, 2013 at 4:38pm

आदरणीय सौरभ जी! 

आपकी प्रतिक्रिया संतोष प्रदान करने वाली है, इस सुखद पुरुस्कार हेतु आभार हूँ!

सादर ! 

Comment by वेदिका on August 4, 2013 at 4:36pm

आपका आभार आदरणीया अन्नपूर्णा जी! 

आपने रचना को सराहा !

Comment by वेदिका on August 4, 2013 at 4:36pm

आदरणीया मीना पाठक जी! 

आपके सुविचार मेरी रचना को सार्थकता देते है!

आभार  

सादर गीतिका 'वेदिका'

Comment by वेदिका on August 4, 2013 at 4:34pm

आदरणीया श्याम नारायण जी! 

आपने रचना सराह कर मुझे कृतग्य किया|

सादर!  


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 2, 2013 at 1:03am

जिस ओट में छाँव मिलती है वही नियामत. इस रचना की पवित्रता ने मुग्ध किया है. 

बधाई

Comment by Abhinav Arun on July 31, 2013 at 7:06pm

बुजुर्गों का स्नेह और आशीर्वाद भाग्यवानो को मिलता है आदरणीया गीतिका जी ... और वह थाती है आने वाले वक्त के थपेड़ो से जूझने में बल देता है ...सुन्दर भावपूर्ण रचना के हार्दिक साधुवाद स्वीकारें और वंदना के in स्वरों में हम सबके स्वर आपके साथ ही शामिल हैं !!! सुन्दर कृति !!

Comment by वेदिका on July 31, 2013 at 4:59pm

आदरणीया महिमा जी! 

आदरणीय लक्ष्मण जी! 

आदरणीय जितेन्द्र जी! 

आपका बहुत बहुत आभार आपने रचना को के भाव को समझा 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
10 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
21 hours ago
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
Monday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रबंधन समिति से आग्रह है कि इस पोस्ट का लिंक उस ब्लॉक में डाल दें जिसमें कैलंडर डाला जाता है। हो…"
Monday
आशीष यादव posted a blog post

गन्ने की खोई

पाँच सालों की उम्र,एक लोहे के कोल्हू में दबी हुई है।दो चमकदार धूर्त पत्थर (आंखें) हमें घुमा रहे…See More
Monday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत अच्छे दोहे रचे गए हैं।  हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए।"
Monday
आशीष यादव commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"एक बेहतरीन ग़ज़ल रचा है आपने। बिलकुल सामयिक।  इस बढ़िया रचना पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
Monday
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"सदियों से मनुष्य प्रकृति का शोषण करता रहा है, जिसे विकास समझता रहा है वह विनास की एक एक सीढ़ी…"
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service