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फिर चुनावी दौर शायद आ रहा है

फिर चुनावी दौर शायद आ रहा है

द्वेष का बाज़ार फिर गरमा रहा है 

 

मेंमने की खाल में है भेड़िया जो

बोटियों को नोंच सबकी खा रहा है

 

इस तरह से सच भी दफ़नाया गया अब 

झूठ को सौ बार वो दुहरा रहा है

 

क्या वफ़ादारी निभायी जा रही है

देवता, शैतान को बतला रहा है

 

बोझ दिल में सब लिए अपने खड़े हैं

ख़ुद-से ही हर शख़्स अब शरमा रहा है 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

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Comment by नादिर ख़ान on August 27, 2013 at 8:23pm

अदरणीय सौरभ जी बहुत  शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई के लिए तथा मार्गदर्शन के लिए 

आभार....


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 26, 2013 at 7:49pm

क्या वफ़ादारी निभायी जा रही है

देवता, शैतान को बतला रहा है

भाई नादिर खानजी, आपकी ग़ज़ल पर दिल दाद कह रहा हूँ.  यह अवश्य है कि हाट शब्द स्त्रीलिंग क्रिया के साथ संतुष्ट होता है. बोलचाल में भले हाट लगा दिया जाय. वस्तुतः वह लगायी ही जाती है.

मतले के सानी को  द्वेष का बाज़ार फिर गरमा रहा है  किया जा सकता है.

एक अरसे के बाद आपको देख रहा हूँ, अच्छा लगा. 

शुभेच्छाएँ

Comment by नादिर ख़ान on August 20, 2013 at 5:00pm

अदरणीय रविकर जी आपका तो कोमेंट्स देने का अंदाज़ भी निराला है ।

अपने अपने अंदाज़ से समझा भी दिया।

बहुत बहुत शुक्रिया....

Comment by नादिर ख़ान on August 20, 2013 at 4:56pm

शुक्रिया ram shiromani pathak जी 

Comment by रविकर on August 20, 2013 at 2:19pm

हाट सजा हटिया सजी, बजा अनोखा राग |
लिंग दोष दीखे नहीं, गजल लगी बेदाग़ ||

Comment by ram shiromani pathak on August 20, 2013 at 2:16pm

 सुन्दर रचना //हार्दिक बधाई आपको 

Comment by राज़ नवादवी on August 20, 2013 at 9:37am

नादिर भाई, शुक्रिया की क्या बात है! हाँ, शब्दकोश अथवा लुगात देखना बेहतर है. www.hinkhoj.com अथवा www.shabdkosh.comजैसी साइट्स भी रेफर कर सकते हैं. 

Comment by नादिर ख़ान on August 19, 2013 at 5:21pm

राज़ भाई कोमेंट्स के लिए शुक्रिया जहाँ तक मुझे याद पड़ता है, हाट गाँव में बाज़ार को कहते हैं। हमारे ख़याल से तो हाट,बाज़ार पुरलिंग ही है।।(अभी -अभी हमने 1 दोस्त से कन्फ़र्म भी किया है) वैसे कोयी और साथी इस पर टिप्पणी करें तो और क्लियर हो जाएगा वैसे सभी दोस्तों का सुझाओ सर आंखो पर... हम तो अभी कलम पकड़ना सीख रहे हैं । 

Comment by राज़ नवादवी on August 19, 2013 at 4:41pm

अच्छा प्रयास है नादिर भाई. मगर देख लें. संभवतः 'हाट' शब्द स्त्रीलिंग है. 

कृपया ध्यान दे...

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