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मेरी एक आरजू !-------------कविता

आरजू है माँ कि फिर लौट आऊँ तेरे आँचल की छाँव में !

उन बचपन की गलियों में , उस बचपन के गाँव में !

वो तेरी ममता के साए , वो रातो की लौरी !

वो गय्यियो का माखन , वो दूध की कटोरी !

वो बचपन के संगी साथी , वो गाँव के गलियारे !

लगते थे मुझको स्वर्ग से भी प्यारे !

वो राजा रानी के किस्से , परियो की कहानी !

याद है मुझको आज भी जबानी !

अमृत सा रस लिए वो तेरे हाथो का निवाला !

वो गर्मी का मौसम , वो सर्दी का पाला !

अपने सीने से चिपकाकर वो तेरा मुझको सुलाना !

खुद भूखी रहकर भी तेरा वो मुझको खिलाना !

वो आँखों में आंसू लिए तेरा मुस्कुराना !

याद आता है हर दिन वो मुझको पुराना !

वो सांझ का धुंधलका , वो भोर के उजाले !

वो बचपन के दिन थे माँ कितने निराले !!!!!!!!

 

 

मगर अब न जाने क्यों उलझ सा गया हूँ !

जिम्मेदारियों के बोझ से थक सा गया हूँ !

एक बार फिर अपने आँचल में सुलाले !

गम की धुप में मैं झुलस सा गया हूँ !

या खुद ही में मैं भटक सा गया हूँ !

कोई नही है माँ जो मुझे यूँ सम्हाले 

ना  जाने क्यों तुझसे दूर आ गया बैठ कर जिंदगी की नाव में 

 आरजू है माँ कि फिर लौट आऊँ तेरे आँचल की छाँव में !

उन बचपन की गलियों में , उस बचपन के गाँव में !

याद आता है जीवन का हर एक सवेरा !

सदा मेरे सर पे रहा हाथ तेरा !

हे! मेरी जननी है तेरी छवि निराली !

तेरे आशीर्वाद  ने हर बला मेरी टाली!

तेरी स्तुति करूँ , तेरा गुणगान गाऊं!

हर जन्म में तेरा ही लाल बनकर आऊँ!

धन्य हो जाऊं तेरी सेवा में ये जीवन लुटाकर !

तेरे एहसानों का कुछ तो मैं कर्ज चुकाकर !

जा ना सकूँ कहीं दूर बाँध दे कोई जंजीर मेरे पाँव में

आरजू है माँ कि फिर लौट आऊँ तेरे आँचल की छाँव में !

उन बचपन की गलियों में , उस बचपन के गाँव में !

 

 

 

 

---------------डॉ. अनुराग सैनी ------------------

मौलिक व अप्रकाशित

 

 

 

 

 

 

 

 

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Comment

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Comment by बृजेश नीरज on October 1, 2013 at 6:58am

सुन्दर भावों से सजी इस रचना के लिए आपको हार्दिक बधाई!

Comment by vijay nikore on September 30, 2013 at 4:25am

सुन्दर भावनाओं में डूबी इस रचना के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीय अनुराग जी।

 

सादर,

विजय निकोर 

Comment by ajay sharma on September 29, 2013 at 10:37pm

bahut bahut bahut .................sadhuwad 

Comment by डॉ. अनुराग सैनी on September 29, 2013 at 8:39pm

तहे दिल से पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया !

Comment by Meena Pathak on September 29, 2013 at 8:27pm

आँसू ला दिया आपने आँखों में .... दिल को छू गई आप की रचना 

बधाई आप को 

कृपया ध्यान दे...

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