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लघुकथा : गिरगिट (गणेश जी बागी)

ल राज्य में आम चुनाव के परिणाम का दिन था लोटन दास 'चम्मच छाप' पार्टी का पक्का समर्थक था, 'चम्मच छाप" बिल्ला लगाए, झंडा और गुलाल लिए वो और उसके साथी मतगणना स्थल पर सुबह से मौजूद थें, उसकी पार्टी को शुरूआती बढ़त मिलने लगी, लोटन दास और उसके साथी पूरे उमंग में नारे लगा-लगा कर गुलाल उड़ाते हुए नाच रहे थे । 

किन्तु यह क्या ! दोपहर बाद 'थाली छाप' पार्टी ने बढ़त बना ली और अंततः समूचे राज्य में पूर्ण बहुमत से 'थाली पार्टी' की जीत हो गई । लोटन दास देर रात घर लौट आया, गुलाल से पूरी तरह सराबोर, उसके कुरते पर अब 'थाली छाप' बिल्ला अपनी चमक बिखेर रहा था । 

(मौलिक व अप्रकाशित)

पिछला पोस्ट => लघुकथा : बहन जी

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मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 21, 2015 at 11:28am

आदरणीय ओमप्रकाश क्षत्रिय जी, लघुकथा पर आपकी उपस्थिति और उत्साहवर्धन दोनों स्वागतयोग्य है, आभार आदरणीय.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 21, 2015 at 11:27am

आपके बहुमूल्य टिप्पणी हेतु बहुत बहुत आभार प्रिय शुभ्रांशु भाई. 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 21, 2015 at 11:26am

आदरणीय सचिन देव जी, लघुकथा पसंद करने हेतु आभार प्रेषित करता हूँ.

Comment by Omprakash Kshatriya on October 19, 2015 at 6:00pm

आदरणीय बागी जी आप ने बिन पेद्नी के लौटों पर शानदार लघुकथा लिखी है. बधाई.

Comment by Shubhranshu Pandey on October 6, 2013 at 4:51pm

आदरणीय गणॆश भैया.

लालटेन के बुझला से तीर के सरसराये के मौका बा. ढेर लोगन के घर के अब लालटेन बन्द होखे लागी. तात्कालिक अवस्था पर एक सुन्दर व्यंग...  सादर.

Comment by Sachin Dev on October 5, 2013 at 3:16pm

मौकापरस्ती की आधुनिक राजनीती को कम शब्दों मैं बेहतरीन तरीके से उजागर करने पर हार्दिक बधाई आपको आदरणीय गणेश जी... 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 5, 2013 at 3:04pm
  • सराहना हेतु आभार आदरणीय सौरभ भईया । 
  • अनमोल टिप्पणी हेतु आभार आदरणीया डॉ प्राची जी । 
  • उत्साहवर्धन करती टिप्पणी हेतु आभार आदरणीय सुशिल जोशी जी । 
  • आदरणीय संजय भाई जी, आप जैसे प्रतिभासंपन्न व्यक्तित्व से सराहना पाना अति महत्वपूर्ण है, बहुत बहुत आभार । 
  • बहुत बहुत आभार वीनस भाई जी । 

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 4, 2013 at 8:13pm
  • आदरणीय भाई ब्रिजेश जी, आपकी उत्साहवर्धित करती टिप्पणी हेतु दिल से शुक्रगुजार हूँ , स्नेह सदैव बना रहे । 
  • टिप्पणी हेतु आभार आदरणीय नीरज कुमार नीर जी । 
  • आदरणीय अभिनव भाई जी, आपकी टिप्पणी सदैव ही उत्साहवर्धन करती है, बहुत बहुत आभार,  नेह छोह बना रहे । 
  • आपसे सहमत हूँ आदरणीया अन्नपूर्णा वाजपेयी जी, आपकी अनमोल टिप्पणी हेतु बहुत बहुत आभार । 
  • टिप्पणी स्वरुप आशीर्वाद हेतु बहुत बहुत आभार आदरणीय शार्वेंदु मुखर्जी जी । 
Comment by वीनस केसरी on October 4, 2013 at 8:06pm

लोटत लोटत हो गए हम भी लोटा राम  :)))))))))))))

बढ़िया है


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 4, 2013 at 8:03pm
  • सराहना हेतु बहुत बहुत आभार प्रिय अनुज अरुन अनंत जी । 
  • आप तक लघुकथा पहुँच सकी यह मेरे लिए मुग्धकारी है बहुत बहुत आभार आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी । 
  • आपके आशीर्वाद हेतु दिल से आभारी हूँ आदरणीय गिरिराज भंडारी भाई साहब । 
  • बहुमूल्य टिप्पणी हेतु कोटिश: आभार आदरणीय डॉ अनुराग सैनी जी । 

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