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कविता - साहित्य दीप ! शब्दों की ज्योति !!

साहित्य दीप ! शब्दों की ज्योति !!

 

साहित्य दीप

शब्दों की ज्योति

अनुभव अनुभूति की ऊर्जा हो

विस्फोट नहीं दूषण भी नहीं

संस्कृति पर सार्थक चर्चा हो

 

विज्ञान सृजन की बाती हो

सभ्यता की जिसमे थाती हो

सब मौलिक हो नूतन भी हो

परहित कर मानव हर्षा हो

 

इस दीप पर्व पर मिल गायें

पद छंद शबद और कवितायेँ

तमसो माँ ज्योतिर्मय मन्त्र

शुभ लाभ की अविरल वर्षा हो

 

रोशनी महल से नुक्कड़ तक

समता राजा से फक्कड़ तक

माँ अन्नपूर्णा धन - धान भरें

कोई भूखा न प्यासा हो

 

भोले की अविनाशी काशी

मस्तों की मलंगो की काशी

काशी मुंशी भारतेंदु की

कबीरा की नानक की काशी

 

काशी तो स्वयं प्रकाशित है

काशी त्यौहार मनाये जब

यह देव लोक हो , ऐसा हो

वह विश्व गुरु के जैसा हो !

             - अभिनव अरुण

 { 31102013 - सर्वथा मौलिक एवं अप्रकाशित }

 

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Comment by Abhinav Arun on November 2, 2013 at 2:17pm

बहुत शुक्रिया श्री लक्षमण जी रचना पसंद करने के लिए !

Comment by Abhinav Arun on November 2, 2013 at 2:17pm

हार्दिक आभार आदरणीय श्री गीत जी ,आपको सपरिवार दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें !!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 2, 2013 at 10:51am

शब्दों से संजोया हुआ, आपका दीपोत्सव मन को छू गया आदरणीय अभिनव अरुण जी, बहुत बहुत बधाई व् शुभकामनायें 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 2, 2013 at 9:41am

शब्दों की ज्योतिर्मय किरने आपको प्रकाशित करती रहे | दीपावली पर इन्ही शुभकामनाओं के साथ सुन्दर गीत रचना के लिए बधाई श्री अभिनव अरुण जी 


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Comment by गिरिराज भंडारी on November 1, 2013 at 9:50pm

आदरणीय अभिनव भाई , सब के लिये शुभेच्छा और काशी की महिमा से ओत प्रोत सुन्दर रचना के लिये आपको हर्दिक बधाई !!!!!!

Comment by विजय मिश्र on November 1, 2013 at 5:00pm
काशी की स्तुति और सभी केलिए शुभ की कामना आनन्ददायी है अभिनवजी ,आपको भी दीपावली और धन त्रयोदशी की अनेक अनन्य शुभकामनाएँ . ज्योतिर्मय ,मँगलमय हो मित्रों की दिवाली .
Comment by Abhinav Arun on November 1, 2013 at 4:10pm

बहुत आभार श्री अखिलेश जी साथ ही प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें !!

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on November 1, 2013 at 2:02pm

अपनी कविता में हर वर्ग के लिए खुशहाल दीवाली  की सुंदर कामना की है, बधाई अभिनव अरुण भाई।                                                                                                         

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